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माढ़ोताल में पकड़ी गई नकली देशी शराब की फैक्ट्री -2 महिलाओं सहित 3 आरोपी गिरफ्तार

माढ़ोताल में पकड़ी गई नकली देशी शराब की फैक्ट्री -2 महिलाओं सहित 3 आरोपी गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र में स्थित एक मकान में नकली देशी शराब बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारकर पुलिस ने करीब सवा लाख की अवैध देशी शराब जब्त की है। छापे के दौरान पुलिस ने 2 महिलाओं सहित 3 आरोपियों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मकान से देशी शराब बनाने वाली कंपनी के स्टीकर्स व अन्य सामान बरामद कर आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों का कहना था कि फैक्ट्री में बनने वाली नकली शराब जहरीली भी हो सकती है और इससे कभी भी बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता है। इस संबंध में बताया गया कि एसपी द्वारा अवैध रूप से मादक पदार्थ के कारोबार में लिप्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए थे। उक्त निर्देश पर माढ़ोताल थाने में एक टीम का गठन किया गया था। उक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नक्षत्र नगर, फेस- 2, साईं टूर एण्ड ट्रेवल्स  के सामने वाले सौरभ पाठक के मकान में  मोहित सोनकर, निवासी करोंदा बाईपास अवैध रूप से देशी शराब बनाने की फैक्ट्री चला रहा है। उक्त सूचना की पुष्टि कर पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर दबिश दी। मकान के अंदर  एक पुरुष एवं 2 महिलाएँ शराब बनाकर बॉटल्स में भरते हुए मिले, पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम मोहित सोनकर, उम्र 32 वर्ष, निवासी बाई का बगीचा बेलबाग एवं महिलाओं ने अपने नाम रामवती मरावी, उम्र 40 वर्ष एवं रजनी मरावी, उम्र 18 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम मलारा, थाना टिकरिया, मण्डला की रहने वाली बताया। मकान की तलाशी लेते हुए पुलिस ने 28 पेटियों  में 1400 पाव देशी शराब एवं 60 लीटर देशी शराब बरामद की। इस कार्रवाई में टीआई माढ़ोताल अनिल गुप्ता, एएसआई मनोज चौधरी, प्रधान आरक्षक पंचम, स्वदेश  आरक्षक दिनेश, नीलम की सराहनीय भूमिका रही।
  -लेबल और ढक्कन सब तैयार 
माढ़ोताल क्षेत्र में अवैध शराब बनाने का कारोबार लंबे समय से चल रहा था। वहाँ पर शराब बनाने वाली कंपनी ग्वालियर एल्कोब्रू प्राईवेट लिमिटेड के लेबल, खाली कार्टन एवं 50 लीटर की प्लेन  शराब से भरी नीले रंग की केन एवं 10 लीटर देशी शराब व शराब तैयार करने का लिक्विड कलर, खाली बॉटल्स, 1 बोरी ढक्कन, बोतल में ढक्कन लगाने वाला उपकरण, जबलपुर बी न. 63 की सील के अलावा तारीख दर्ज करने वाली सील, स्टाम्प पैड, फेविकोल की बॉटल, नीले रंग का ड्रम आदि सामान जब्त किया गया है। 
हो सकता था बड़ा हादसा 
जानकारों का कहना है कि यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था, लेकिन इस पर अभी तक पुलिस की नजर नहीं पड़ी थी, वहीं इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना था कि पकड़ी गई शराब की जाँच होनी चाहिए, क्योंकि वह गुणवत्ताविहीन होने के साथ ही जहरीली भी हो सकती है, जो कि जानलेवा साबित होती। वहीं लेबल प्रिंटिंग कहाँ हो रही थी, इसकी भी जाँच होनी चाहिए, जिससे इस बात का खुलासा हो सकेगा कि यह कारोबार कब से चल रहा था। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।