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महाराष्ट्र में 5 फीसदी घटी संक्रमण दर, प्रतिदिन हो रहे 2 लाख 80 हजार टेस्ट 

महाराष्ट्र में 5 फीसदी घटी संक्रमण दर, प्रतिदिन हो रहे 2 लाख 80 हजार टेस्ट 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर 27 प्रतिशत से घटकर 22 प्रतिशत हो गई है। मंगलवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह जानकारी दी। मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में टोपे ने कहा कि राज्य में कोरोना पॉजिटिविटी दर में 5 प्रतिशत की कमी आई है। टोपे ने कहा कि राज्य में कोरोना की जांच को कम नहीं किया गया है। राज्य में हर दिन 2 लाख 80 हजार तक कोरोना की जांच की जा रही है। हर दिन कोरोना की आरटीपीसीआर जांच 65 प्रतिशत और एंटीजन जांच 35 प्रतिशत होती है।टोपे ने कहा कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्य कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाते हैं लेकिन उसमें एंटीजन टेस्ट 90 प्रतिशत और आरटीपीसीआर जांच 10 प्रतिशत तक होती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के कुछ जिलों में कोरोना के मरीज कम हुए हैं। तीन सप्ताह में पहली बार कोरोना के नए मरीजों की संख्या कम हुई है। नए मरीजो की संख्या 48 हजार जबकि कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 59 हजार है। 

नागपुर, औरंगाबाद, अमरावती, गोंदिया में घटे मरीज 

टोपे ने कहा कि नागपुर, औरंगाबाद, अमरावती, गोंदिया, भंडारा, उस्मानाबाद, चंद्रपुर, नाशिक, नांदेड़, धुलिया, मुंबई और ठाणे में प्रतिदिन मिलने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है लेकिन कोल्हापुर, बुलढ़ाणा, सांगली, सातारा में कोरोना के नए मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। इसलिए लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की जिम्मेदारी संबंधित पालक मंत्रियों ने ली है। टोपे ने कहा कि ज्यादा मरीज वाले जिलों में अस्पतालों की संख्या को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। 

18 लाख टीका खरीदने का ऑर्डर 

टोपे ने कहा कि राज्य सरकार ने 18 से 44 साल आयु वर्ग के नागरिकों केटीकाकरण के लिए लगभग 18 लाख टीका खरीदने का ऑर्डर दिया है। सीरम संस्थानको कोविशिल्ड टीके की 13 लाख 81 हजार 580 डोज और भारत बायोटेक को कोवैक्सिन टीके के 4 लाख 79 हजार 150 डोज खरीदने का ऑर्डर दिया है। टोपे ने कहा कि राज्य को 30 अप्रैल को 3 लाख कोरोना का टीका मिला था। जिसके बाद 1 मई से 18 से 44 साल तक के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया गया है। हर जिले में 5 जगहों पर टीकाकरण शुरू किया गया है। बड़े जिलों को 20 हजार, मध्यम जिले को 7.50 हजार और छोटे जिलों को 5 हजार टीका दिया गया है। 18 से 44 साल आयु वाले लगभग एक लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है। टोपे ने कहा कि रूस के स्पुतनिक-वी टीके की दर निश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा कोविशिल्ड के टीके के लिए सीरम संस्थान के सीईओ अदार पूनावाला से बात की जाएगी। टोपे ने कहा कि पूनावाला के धमकी वाले बयान को लेकर राज्य सरकार की ओर से उनसे कोई चर्चा नहीं की गई है। 

45 प्रतिशत टीकाकरण 

टोपे ने कहा कि 45 साल से अधिक आयु वालों के टीकाकरण के लिए राज्य को कोविशिल्ड का 9 लाख टीका प्राप्त हुआ है। राज्य में 45 साल से ज्यादा आयु वाले 3.50 करोड़ से अधिक लोग हैं। जिसमें से 1 करोड़ 65 लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है। लगभग 45 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण हुआ है। टोपे ने कहा कि यदि टीका बड़ी मात्रा में मिलता है तो हाउसिंग सोसायटी, बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर पर ही टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के बारे में सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। 

रेमडेसिविर इंजेक्शन की ज्यादा जरूरत

टोपे ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 9 मई तक रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति को बढ़ाने का फैसला लिया है। राज्य को हर दिन 40 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन मिल रहा है लेकिन राज्य को इससे अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की दर को कम करने का फैसला केंद्र सरकार को करना चाहिए। टोपे ने कहा कि वैश्विक टेंडर के जरिए विदेश से राज्य को 3.50 लाख रेमडेशिविर इंजेक्शन, 20 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन व 27ऑक्सीजन आईएसओ कंटेनर उपलब्ध हो सकेंगे। इसके अलावा ऑक्सीजन प्लांट और लिक्विड ऑक्सीजन भी खरीदने की योजना है।  

विदेश की मदद पर राज्य का हक 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना के लिए विदेश से मिलने वाली केंद्र सरकार को मदद पर महाराष्ट्र का भी अधिकार है। क्योंकि राज्य में कोरोना के मरीज अधिक है। विदेश से मिलने वाली मदद को राज्य को उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा। 

पत्रकारों के टीकाकरण के लिए प्राथमिकता 

टोपे ने कहा कि टीकाकरण के लिए पत्रकारों को प्राथमिकता देने के लिए राज्य मंत्रिमंडल की कोर कमेटी की बैठक में चर्चा होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से पत्रकारों को प्राथमिकता देने के लिए सिफारिश की जाएगी। टोपे ने कहा कि पत्रकारों के अलावा शिक्षकों समेत समाज के कई वर्गों के लिए मांग की जा रही है लेकिन सरकार ने अभी तक टीकाकरण में प्राथमिता के लिए वर्गीकरण नहीं किया है।

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