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महाराष्ट्र में 50 लाख लोगों को लगा टीके का दूसरा डोज, ढाई करोड़ को लग चुकी वैक्सीन  

महाराष्ट्र में 50 लाख लोगों को लगा टीके का दूसरा डोज, ढाई करोड़ को लग चुकी वैक्सीन  

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य में ढाई करोड़ लोगों को कोरोना टीका लगा कर महाराष्ट्र टीकाकरण के मामले में देश में पहले क्रमांक पर बना हुआ है। अब तक 50 लाख लोगों को टीके की दोनों खुराक दी जा चुकी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना टीकाकरण के मामले में महाराष्ट्र प्रथम, उत्तर प्रदेश दूसरे और गुजरात तीसरे क्रमांक पर है। राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों की तारीफ की है। अभी तक महाराष्ट्र में 2 करोड़ 50 लाख 44 हजार 846 लोगों को कोरोना टीका लगाया जा चुका है। जबकि 50 लाख 56 हजार 786 लोगों को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है। गुरुवार को महाराष्ट्र में 2 लाख 28 हजार 602 लोगों को टीका लगाया गया  

राज्य में हुए मोतियाबिंद के 2 लाख 28 हजार आपरेशन

प्रदेश में कोरोना संकट काल के बावजूद लगभग 2 लाख 28 हजार मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया है। गुरुवार को राज्य में मनाए जाने वाले दृष्टि दिवस के मौके पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मार्च 2020 से कोरोनाकाल में 2 लाख 28 हजार मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए हैं। जबकि 1355 नेत्र बुलबुला संकलन किया गया है। प्रदेश में हर साल 10 जून को सरकारी सेवा के नेत्र शल्यचिकित्सक डॉ. रामचंद्र लक्ष्मण भालचंद्र की याद में दृष्टि दिवस मनाया जाता है। इस बार प्रदेश में 10 से 16 जून तक दृष्टि दिवस सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान कोरोना के बाद होने वाली म्यूकर माइकोसिस बीमारी के बारे में लोगों को जागरुक किया जाएगा। 

टोपे ने कहा कि कि राष्ट्रीय कैंसर प्रतिबंध और उपचार कार्यक्रम के तहत मधुमेह के मरीजों के लिए नेत्र जांच शिविर आयोजित की जाए। मरीजों की फंडस स्कोपी करके और म्यूकर माइकोसिस से आंखों की देखभाल करने के बारे में मार्गदर्शन किया जाए। कोरोनाकाल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छोटे बच्चों में अंधत्व और कोरोना के बाद म्यूकर माइकोसिस विषय पर चिकित्सा महाविद्यालय, नेत्र विज्ञान संस्थान, गैर सरकारी स्वयंसेवी संस्था और निजी विशेषज्ञ डॉक्टरों के माध्यम से उपचार पर चर्चा सत्र आयोजित किया जाए। टोपे ने बताया कि प्रदेश में 69 नेत्र बैंक, 77 नेत्र संकलन केंद्र हैं। जबकि 167 नेत्र संकलन केंद्र कार्यरत हैं। 

इसलिए मनाया जाता है दृष्टि दिवस 

सरकारी नेत्र शल्यचिकित्सक भालचंद्र ने 80 हजार से अधिक नेत्र शल्य चिकित्सा करके नेत्रहीनों का जीवन प्रकाशमय किया है। उनका जन्मदिवस व मृत्यु दिवस 10 जून है। उनके योगदान को देखते हुए राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रतिवर्ष 10 जून को भालचंद्र की स्मृति में दृष्टि दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

टीकाकरणः एक नजर में 

राज्य          पहली खुराक        दूसरी खुराक             कुल  

महाराष्ट्र      2,01,88060       50,56,786          2,52,44,846
उत्तर प्रदेश  1,82,03,448      37,23,156          2,19,26,604
गुजरात       1,49,85,013      44,43,428          1,94,28,441
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।