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926 करोड़ रू. में नीलाम हुआ चकरिया गोल्ड ब्लॉक 

926 करोड़ रू. में नीलाम हुआ चकरिया गोल्ड ब्लॉक 

18 साल बाद सरकार को नीलामी में मिली कामयाबी, 35 हजार टन स्वर्ण अयस्क निकलने की सर्वे में जताई गई थी संभावना
डिजिटल डेस्क  सिंगरौली (वैढऩ) ।
जिले के चितरंगी के गुरहार पहाड़ में छिपे सोने के भंडार 18 साल बाद नीलाम हो गया है। जियोलॉकिल सर्वे ऑफ इंडिया ने 2002 में चकरिया में गोल्ड ब्लॉक होने की पुष्टि की थी। प्रभारी खनिज अधिकारी ने बताया कि जियोलॉजिक एवं माइनिंग के डायरेक्टर ने चकरिया गोल्ड ब्लॉक की निर्धारित बेस प्राइज से 5.40 फीसदी अधिक में ऑक्शन होने की जानकारी यहां भेजी गई है। बताया जाता है कि जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ  इंडिया की टीम ने चकरिया में 35 हजार टन स्वर्ण अयस्क निलकने की संभावना जताई थी। सर्वे में गोल्ड ब्लॉक की पुष्टि होने के बाद ऊर्जांधानी में कोयले के बाद अब सोना भी निकलेगा। खनिज अधिकारी ने बताया कि गरिमा नेचुरल रिसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड को चकरिया गोल्ड ब्लॉक एलॉट किया गया है। उन्होंने बताया कि ऑक्शन होने के बाद अब कंपनी को लीज ग्रांट की जायेगी। जानकारों के अनुसार गोल्ड ब्लॉक की नीलामी के बाद अब 2-3 माह के अंदर जिले में सोना निकालने के लिये चिहिंत क्षेत्रों में खुदाई शुरू हो जायेगी। यह खदान कितने में नीलाम हुई है इसकी जानकारी अभी जिले में नहीं भेजी गई है लेकिन प्रदेश की कुल पांच खदानें जिनकी नीलामी हुई है, उनको 926 करोड़ में नीलाम किया गया है। 
32 हेक्टेयर का एरिया रिजर्व
गोल्ड ब्लॉक के लिये चितरंगी के पहाड़ी क्षेत्र का 32 हेक्टेयर एरिया रिजर्व होने की जानकारी सामने आई है। खनिज अधिकारी ने बताया कि लीज ग्रांट होने के बाद गोल्ड ब्लॉक एरिया का सीमांकन कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि जीएसआई के सर्वे में पाये गये गोल्ड ब्लॉक लिये चिहिंत क्षेत्र में कंपनी द्वारा खुदाई करने के बाद सोना बाहर निकाला जायेगा। प्रभारी खनिज अधिकारी ने बताया कि कंपनी के द्वारा खुदाई करने के बाद ही सोना की कितनी मात्रा है, इसकी वास्तविकता का पता चल पायेगा।
गोल्ड के 4 क्षेत्र चिन्हित
जीएसआई सर्वे में चकरिया गोल्ड ब्लॉक के लिये चार क्षेत्रों को चिहिंत किया गया था। जानकारी के अनुसार 18 पहले हुये सर्वे में गुरहार पहाड़ में 21 वर्गमीटर, थापरा में 24 वर्गमीटर, कर्माहीपुरी सिली में 32 वर्गमीटर और निबुआ में 25 वर्गमीटर में गोल्ड अयस्क ओर होने की जीएसआई के सर्वे में पुष्टि हुई थी। खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सर्वे में गोल्ड अयस्क ओर के सैंपल लिये गये थे। जीएसआई की टीम द्वारा जिले में 18 दिन तक की गई जांच के बाद गोल्ड अयस्क ओर पाये जाने की रिपोर्ट केन्द्र सरकार को सौंपी थी। जिले में सोने का भंडार पाये जाने की रिपोर्ट के बाद ऑक्शन के लिये गोल्ड ब्लॉक का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था। बताया जाता है कि जीएसआई की रिपोर्ट के बाद सरकार ने जिले के चकरिया और कटनी के इमलिया गोल्ड ब्लॉक की नीलामी कर दी है।
35 हजार टन अयस्क निकलने की संभावना
जीएसआई सर्वे में चकरिया गोल्ड ब्लॉक में 35 हजार टन स्वर्ण अयस्क गोल्ड ओर निकलने का अनुमान जताया गया है। जानकारों के अनुसार 1 टन स्वर्ण अयस्क में 1.32 ग्राम सोना निकलेगा। इसके चलते 35 हजार टन स्वर्ण अयस्क गोल्ड ओर में 40 से 45 किलोग्राम सोना निकलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि कंपनी द्वारा स्वर्ण अयस्क ओर की खुदाई के बाद ही गोल्ड की वास्तविक मात्रा का पता चल पायेगा। फिलहाल गोल्ड ब्लॉक की नीलामी से जिले में सोना निकलने की 18 साल बाद उम्मीदें जगने लगी है।
इनका कहना है
चकरिया गोल्ड ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। गोल्ड ब्लॉक के लिये 32 हेक्टेयर से अधिक का क्षेत्र रिजर्व किया गया है। कंपनी द्वारा लीज का आवेदन किये जाने के बाद एरिया का सीमांकन कराया जायेगा।
-एके राय, प्रभारी खनिज अधिकारी

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