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भूख लगी तो पेट की आग बुझाने मंदिर जा रही थी बुजुर्ग, लेकिन होनी को तो कुछ और ही था मंजूर

भूख लगी तो पेट की आग बुझाने मंदिर जा रही थी बुजुर्ग, लेकिन होनी को तो कुछ और ही था मंजूर

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पेट की आग बुझाने के चक्कर में एक वृध्दा को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सड़क पार करते वक्त उसे दोपहिया वाहन चालक ने कुचल दिया है, जबकी हादसे में उसकी नातिन बाल-बाल बच गई। इस बीच गुरुवार देर रात लकड़गंज थाने में आरोपी वाहन चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। सावनेर तहसील अंतर्गत तीघई गांव निवासी मृत्तका दमयंती संतोष बावनगडे़ 65 वर्ष की थीं। गुरुवार करीब साढे चार बजे के दौरान दमयंती को भूख लगी, इसके बाद वो अपनी नातिन प्रतिक्षा 21 वर्ष के साथ गंगाबाई घाट चौंक स्थित मंदिर जा रही थी। उसे लगा कि वरात्र महोत्सव के दौरान मंदिर महाप्रसाद आयोजन दिया जाता है। जिससे पेट की आग तो बुझेगी। 

उसके पीछे-पीछे प्रतिक्षा भी चल रही थी। इस बीच दमयंती ने मंदिर की तरफ जाने के लिए जैसे ही सड़क पार की, वैसे ही दोपहिया वाहन क्र.एमएच 05 ई 0105 का चालक तेज रफ्तार से आ रहा था, उसने बुजुर्ग को टक्कर मार दी। सिर पर गंभीर चोट लगने से खून बहा, जिस कारण दमयंती ने मौके पर ही दमतोड़ दिया। हादसे में प्रतिक्षा बाल-बाल बच गई। प्रतिक्षा के मुताबिक  बरसों पहले उसके दादा संतोष बावनगडे़ का देहांत हुआ था। इसके बाद कुछ वर्ष उसकी दादी दमयंती अकेली ही गांव में रही। वृध्दावस्था के कारण उसकी देख भाल करने वाला गांव में कोई नही था। इस कारन करीब दस वर्ष पहले दमयंती अपनी एकलौती बेटी पदमा राजेंद्र चौधरी के पास बाबुलबन में रहने आ गई। 

पदमा प्रतिक्षा की मां है। इस बीच पदमा के पति राजेंद्र की भी बिमारी के चलते मौत हो गई । जिससे पदमा दूसरे के घरों में काम कर अपनी मां दमयंती, बेटी प्रतिक्षा और बेटे संकेत का पेट पाल रही थी, मगर कुछ दिनों से पदमा का भी स्वास्थ्य ठीक नही है। वह भी घर में बिमार पड़ी हुई है। जिससे घर में खाने के लाले पडे हुए हैं। इस कारण दमयंती महाप्रसाद में िमला भोजन कर और कुछ भोजन घर ले जाने के लिए अपनी नातिन के साथ मंदिर जा रही थी िक होनी को कुछ और ही मंजूर था। हादसे में उसकी मौत हो गई। इस बीच प्रत्यक्षदर्शी लोगों ने आरोपी वाहन चालक को पकड़ा और उसकी पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। सहायक उपनिरीक्षक संजय खोब्रागडे़ ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को िगरफ्तार िकया। जांच जारी है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।