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एक छोटा गड्ढा धीरे-धीरे सड़क कर देता है खराब, बढ़ जाता है खर्च

एक छोटा गड्ढा धीरे-धीरे सड़क कर देता है खराब, बढ़ जाता है खर्च

डिजिटल डेस्क,नागपुर। सड़क पर हुए गड्ढे की अगर समय पर मरम्मत नहीं हुई ताे उसके सुधारने का खर्च कई गुना बढ़ सकता है। एक छोटा सा गड्ढा, जिसकी अगर तत्काल मरम्मत कर दी जाए जो खर्च लगभग पांच सौ रुपए आएगा और अगर एक वर्ष बाद किया जाए तो खर्च बढ़कर 25 से 35 लाख तक हो सकता है, क्योंकि सीमित क्षेत्र का गड्ढा धीरे-धीरे काफी दूर तक सड़क को खराब देता है। गड्ढे के कारण किलोमीटर में सड़क की मरम्मत करनी पड़ती है। ये विचार डॉ. विश्रुत लांडगे ने व्यक्त किए।

परिचर्चा में विचार
वीएनआई के प्रोफेसर डाॅ. लांडगे जनाक्रोश, एसोसिएशन ऑफ कंसल्टिंग सिविल इंजीनियर्स व द इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स की ओर से शहर में सड़कों की खराब स्थिति पर रास्ते दुरुस्ती एक शोेकांतिका विषय पर आयोजित परिचर्चा में बोल रहे थे। परिचर्चा में रवींद्र कासखेडीकर, अशोक करंदीकर व अमोल शिंगारे ने भी सड़कों की हालत पर विचार व्यक्त किए।  

जरूरी है पूर्व नियोजन
रवींद्र कासखेडीकर ने कहा कि वर्ष मानसून के पहले शहर में सड़कों के मरम्मत की कवायद शुरू हो जाती है। इसके बावजूद मानसून में शहर की सड़कों की बदतर हालत के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष बात कोर्ट तक पहुंच चुकी है और कोर्ट ने खराब सड़कों के लिए जिम्मेदारों के सजा के प्रावधान की बात कही है। इस स्थिति से बचने के लिए जरूरी है कि सड़कों के लिए पूर्व नियोजन किया जाए।

सुझाए उपाय भी
अशोक करंदीकर ने बताया कि नागपुर की सड़कों पर गड्ढों का कारण अंदर की परतों का पोरस होना है। कहीं भी दरार पड़ने पर पानी अंदर रिसने लगता है और अंदर की अपेक्षाकृत कमजोर सतह तुरंत उखड़ जाती है। उन्होंने बताया कि शहर में सड़क की ढाल और सड़क के किनारे ड्रेनेज बनाए जाने पर ध्यान देना जरूरी है। इसके साथ ही सड़क निर्माण में शहर में कई गुना बढ़ चुके ट्रैफिक का भी ध्यान रखना जरूरी है।

भास्कर राय
सड़कों की मरम्मत के लिए अगर वैसे वाहनों का उपयोग किया जाए, जो शहर में भ्रमण करते हुए जहां देखे, वहीं गड्ढे को भरकर त्वरित सड़कें ठीक करे। इससे लाखों की लागत को बचाया जा सकता है और मरम्मत कार्य मात्र 100-1000 रुपए में ही पूरा किया जा सकता है।

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