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एसी लोकल ट्रेन बंद- दुकानों पर लटके ताले, पालतू कुत्तों-बिल्लियों के लिए भी आफत बना कोरोना, 25 लाख का सेनेटाईजर बरामद 

एसी लोकल ट्रेन बंद- दुकानों पर लटके ताले, पालतू कुत्तों-बिल्लियों के लिए भी आफत बना कोरोना, 25 लाख का सेनेटाईजर बरामद 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। दुनियाभर की परेशानी का सबब बने कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए देश की आर्थिक राजधानी में भी बाजार बंद होने लगे हैं। भीड़भाड़ कम करने के लिए मुंबई महानगरपालिका ने चरणबद्ध तरीके से बाजार बंद कराने का फैसला लिया है। गुरुवार को पुलिस ने बाजार बंद कराए। जिससे महानगर के कई इलाकों में सन्नाटा पसर गया। गुडीपाडवा के मौके पर दादर बाजार पूरी तरह बंद रहा। दुकानदारों का कहना है कि इसके पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि कई दिनों तक बाजार बंद रहे। अगले कई दिनों तक दुकानों पर ताले दिखाई देंगे। इस बीच पश्चिम रेलवे ने अपनी एसी लोकल ट्रेन सेवाएं शुक्रवार से बंद करने का निर्णय लिया है। 

पालतू कुत्तों-बिल्लियों के लिए भी आफत बना कोरोना

कोरोना विषाणू इंसानों के लिए ही नहीं जानवरों के लिए भी आफत बन गया है। कोरोना वायरस के चलते जागरुकता फैलाने को लेकर लगाए गए पोस्टरों में प्राणियों से दूरी बनाकर रखने को लेकर जारी संदेश के चलते लोग पालतु कुत्तों को घर से निकालने लगे है। शिकायत के बाद मनपा ने ऐसे होर्डिंग हटा लिए हैं। मुंबई के पशु प्रेमियों के मुताबिक अब तक 30 कुत्तों को घर से निकाल दिया गया है। इनके मुताबिक मुंबई, ठाणे व नई मुंबई में बड़ी संख्या में कुत्ते व बिल्ली अनाथ अवस्था में घूम रहे हैं। प्राणी प्रेमियों के मुताबिक प्राणियों को लेकर फैलाई जा रही गलत जानकारी के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साफ किया है कि अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं सामने आया है जो दर्शाए कि पालतु प्राणी भी कोरोना को फैला सकते है। भारतीय प्राणी कल्याण बोर्ड के मानद जिला प्राणी कल्याण अधिकारी मितेश जैन ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका को वे सारे पोस्टर व बैनर तुरंत हटाने चाहिए जो कोरोना के चलते पालतु प्राणियों से दूरी बना कर रखने की बात कहते हो। स्थानीय निकायो ने अपने संदेश से प्राणियों के लिए मुश्किले बढाई हैं। नई मुंबई कामोठे इलाके में रहनेवाले एक व्यक्ति के मुताबिक उसकी हाउसिंग सोसायटी ने उसे अपने घर से पालतु कुत्ते को हटाने को कहा है। वहीं नई मुंबई के प्राणी प्रेमी विजय रांगरे ने कहा कि हमे दो दिन के भीतर ठाणे, बोरीवली व मुंबई के अन्य इलाकों से 30 अनाथ कुत्तों के बारे में शिकायत मिली है। वहीं वसई निवासी बीना पिल्लई के अनुसार मीरा-भायंदर महानगरपालिका के संदेश के चलते मेरे सोसायटी का वॉचमैन मुझे मेरे कुत्ते के साथ भीतर नहीं आने देता है। कुत्ते के चलते नौकरानी ने भी घर पर आने से मना कर दिया है। जबकि मैंने उसे यह समझाने की भरसक कोशिश की कि कुत्ते से कोरोना नहीं फैलता है। इस बाबत मुंबई महानगरपालिका के जनसंपर्क अधिकारी विजय खबाले ने कहा कि पीटा संस्था से मिली शिकायत के बाद मनपा ने सारे पोस्टर हटा लिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कही पर प्राणियों से दूरी बनाने से जुड़े पोस्टर लोगों को दिखाई देते है तो हमे सूचना दें। ऐसे पोस्टरों को हटाया जाएगा। इस विषय पर गलत जानकारी भी फैलाई जा रही है। जूहू इलाके में रहनेवाले फरदीन खान को हाल ही में चार अनाथ कुत्ते मिले थे जिन्हें वे अपने घर ले गए है।  इन्हें  एक मित्र ने गोद ले लिया है। 

100 रुपए में कोरोना की दवा पिलाने वालों के खिलाफ एफआईआर

जहां एक ओर कोरोना पूरी दुनिया के लिए खतरा बन गया है वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे हैं जो लोगों की आंखों में धूल झोंककर इसे अपना कमाई का जरिया बना रहे हैं। अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने महानगर के नाहुर इलाके में बिना इजाजत हैंड सैनेटाइजर और दवाएं बनाकर उसे निर्यात करने वालों पर शिकंजा कसा है। इसके अलावा महानगर से सटे वसई इलाके में लोगों को सिर्फ 100 रुपए में कोरोना की दवाई पिलाने का दावा करने वाले डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफडीए के एक अधिकारी ने बताया कि सिद्धिविनायक डायकेम प्रायवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में बेहद खराब गुणवत्ता के हैंड सेनेटाइजर और दवाएं बनाकर विदेशों में भेजा जा रहा था। जबकि कंपनी के पास इसके उत्पादन या निर्यात के लिए जरूरी लाइसेंस नहीं था। छापेमारी के दौरान 25 लाख रुपए से ज्यादा का सामान जब्त किया गया है। बरामद सैनेटाजर की गुणवत्ता बेहद खराब थी। इसके अलावा अधिकारियों ने फर्स साफ करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल का इस्तेमाल कर सेनेटाइजर बनाने वाले एक और कारखाने पर छापा मारा है। यहां से सैनेटाइजर की करीब एक हजार बोतलें और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद किया है। इससे पहले कोरोना न होने का दावा करने वाले एक आयुर्वेदिक भंडार पर भी एफडीए कार्रवाई कर चुकी है।

100 रुपए में तीन खुराक, दो डॉक्टरों पर केस 

कोरोना न होने के लिए सिर्फ 100 रुपए में दवा की तीन खुराक पिलाने का दावा करने वाले वसई के एक डॉक्टर के खिलाफ पालघर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। गवराईपाडा के कृष्णा नगर इलाके में त्रिशा क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर रामकीरत यादव के खिलाफ वालिव पुलिस स्टेशन में अफवाह फैलाने के आरोप में आपदा प्रबंधन कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। डॉक्टर यादव ने अपने क्लीनिक के बाहर पर्ची चिपका रखी थी जिसमें लिखा था कि यहां कोरोना की दवा पिलाई जाती है। 3 खुराक के लिए सिर्फ 100 रुपए। इसके अलावा वसई के ही गोखीवर तलाब के पास क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर सरवर खान के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। खान ने अपने क्लीनिक के बाहर बोर्ड लगा रखा था कि उनके यहां कोरोना होने से रोकने के लिए दवा उपलब्ध है। 
 

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