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फ्रॉड : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नाम पर पैसे मांगने वाला गिरफ्तार

फ्रॉड : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नाम पर पैसे मांगने वाला गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, मुंबई। खुद को महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील का निजी सहायक बताकर एक डॉक्टर से 25 लाख रुपए वसूलने की कोशिश करने वाले 42 वर्षीय आरोपी को पिंपरी चिंचवड में पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी कोरोना प्रभावित गरीबों को मदद देने के नाम पर चंदे के रूप में पैसे मांग रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब डॉक्टर ने खुद भाजपा नेताओं से संपर्क इसकी शिकायत की। गिरफ्तार आरोपी का नाम सौरव अस्तुल है।अस्तुल ने एक प्रतिष्ठित अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर को 18 जुलाई को फोन किया और 25 लाख रुपए चंदा देने की मांग की। उसने डॉक्टर को धमकी दी कि अगर उन्होंने पार्टी को पैसे नहीं दिए तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद परेशान डॉक्टर ने भाजपा नेताओं को फोन किया तो उन्हें बताया गया कि पाटिल का ऐसा कोई निजी सहायक नहीं है। इसके बाद डॉक्टर ने निगड़ी पुलिस स्टेशन में मामले की शिकायत दर्ज कराई। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने क्या दूसरे लोगों से भी इसी तरह ठगी की है। 

दूसरे मामले में वीआईपी मोबाइल सिम के चक्कर मे लगा 6 लाख का चूना - दो आरोपी गिरफ्तार

कहतें हैं शौक बड़ी चीज है लेकिन यही शौक मुंबई के एक कारोबारी मंहगी पड़ गई। वीआईपी नंबरों के शौकीन कारोबारी ने इसके लिए 6 लाख रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए लेकिन आखिरकार उसे पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गया। शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने जांच शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कारोबारी ने  पुलिस को बताया उसे वीआईपी नंबर इस्तेमाल करने का शौक है। वह पहले ही मोटी कीमत देकर  वीआईपी नंबर खरीद चुका है।  व्यापारी को उसके मोबाइल पर एक संदेश आया जिसमें डेढ़ लाख रुपए में 9191919191, 9000000000, 7777777777, 9999999999 जैसे वीआईपी मोबाइल नंबर  देने की बात कही गई थी। कारोबारी ने संदेश भेजने वाले से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह एयरटेल कंपनी में चीफ प्रोडक्ट एंड एक्सपीरियंस अधिकारी के रूप में कार्यरत है और उसका नाम जीतू है। सबूत के तौर पर उसने अपना पहचानपत्र  भी भेजा। कारोबारी को  भरोसा हो गया तो उसने मोलभाव किया और 55555 रुपए में एक सिम का सौदा तय हो गया। कारोबारी ने बताए गए बैंक खाते में दो सिमकार्ड के लिए रकम भेज दी। आरोपी ने सिम कार्ड घर पहुंचाने का वादा किया था। लेकिन सिम नहीं आया तो कारोबारी ने फिर उससे संपर्क किया इसके बाद आरोपी ने बताया कि कंपनी के बड़े अधिकारी इतनी कम कीमत में वीआईपी सिम देने को तैयार नहीं है इसलिए उन्हें ज्यादा सिम कार्ड एक साथ खरीदने पड़ेंगे। इसी तरह आरोपी ने बहाने बनाकर कारोबारी से 6 लाख 220 रुपए ऐठ लिए।  इसके बाद कारोबारी को सिम नहीं मिला तो उसने एयरटेल कंपनी से संपर्क किया जहां उसे बताया गया कि ऐसा कोई शख्स वहां काम नहीं करता और दिया गया पहचान पत्र फर्जी है। कारोबारी ने बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। सीनियर इंस्पेक्टर संजय निकुंबे की अगुवाई में अपराध शाखा ने भी मामले के समानांतर छानबीन शुरू की और मीरा रोड इलाके से परेश मोडावाला और शाहरुख अहमद  नाम के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। छानबीन में खुलासा हुआ कि आरोपी इसी तरह लोगों से ठगी करते हैं और उनके खिलाफ पहले भी गुजरात और महाराष्ट्र में ठगी के कई मामले दर्ज हो चुके हैं। इंस्पेक्टर निकुंबे ने बताया कि कोर्ट में पेशी के बाद आरोपियों को 31 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।   

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