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थाने से भागा आरोपी गरबा खेलते हुए पकड़ाया, जानिए कहां क्या हुआ

थाने से भागा आरोपी गरबा खेलते हुए पकड़ाया, जानिए कहां क्या हुआ

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अजनी थाने से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आराेपी मानेवाड़ा क्षेत्र में नवरात्र गरबा उत्सव में गरबा खेलते हुए पकड़ा गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड ली गई थी, जिसकी समयावधि समाप्त होने पर उसे शनिवार को मध्यवर्ती कारागृह भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार अजनी क्षेत्र निवासी 15 वर्षीय छात्रा को दीपांशु विरूलकर (20), सावरबांधे सभागृह, हुड़केश्वर निवासी ने उसकी दादी की मौत होने की खबर देकर उसका स्कूल से अपहरण किया था। तीन दिन तक जब छात्रा घर नहीं लौटी, तब परिजनों ने अजनी थाने में गत माह सितंबर में अपहरण का मामला दर्ज कराया। अपहरण करने के बाद दीपांशु, छात्रा को लेकर गुजरात चला गया। वहां कुछ समय रहने के बाद दोनों नाशिक, पुणे, मुंबई में साथ-साथ रहे। 6 अक्टूबर को दोनों वापस नागपुर आए।  9 अक्टूबर को कोराडी मंदिर में दर्शन करने गए। उसी दौरान पुलिस ने वहां से दोनों को हिरासत में लिया और अजनी थाने ले आई। पुलिस ने दीपांशु को लॉकअप में डाला और छात्रा काे उसके परिजनों के हवाले कर दिया। 

किराएदार ने ही एटीएम से रकम निकाली

उधर जरीपटका थानांतर्गत हुई चोरी की घटना से जहां किराएदार द्वारा ही चोरी करने का खुलासा हुआ है, वहीं जूनी कामठी और एमआईडीसी थानांतर्गत भी किसी ने नकदी समेत कीमती माल पर हाथ साफ कर दिया। विविध स्थानों पर घटित प्रकरणों से आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज िकए गए हैं। जरीपटका क्षेत्र के इंदिरा नगर निवासी लालदास गजभिये (57) सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं। परिवार के पत्नी और एक पुत्री है। गत कुछ दिनों से लालदास बीमार था। उस पर शल्यक्रिया भी हुई है। जिससे लालदास अपने घर में निवासरत किराएदार प्रथमेश घमसरकर के साथ अस्पताल आते जाते रहता था। एक दो बार लालदार ने प्रथमेश के सामने ही एटीमए के रुपए निकले। घर आने के बाद लालदास अपना एटीएम कार्ड पलंग में बिस्तर के नीचे छुपाकर रखता था। यह बात प्रथमेश को पता चली गई थी। उसे एटीएम का कोड नंबर भी पता चल गया था। जिससे माैका देखकर 19 सितंबर को प्रथमेश ने एटीएम कार्ड चोरी किया और एटीएम से 1 लाख 70 हजार रुपए की नकदी निकालकर मुंबई भाग गया। जांच पड़ताल के दौरान घटित प्रकरण की पुष्टि होने के बाद प्रकरण दर्ज किया गया। एमआईडीसी क्षेत्र के सोनेगांव निपानी निवासी विनोद लंगोटे (32) की दूध डेयरी है। शुक्रवार की रात पीछे के दरवाजे से किसी ने घर में प्रवेश किया। अलमारी से नकद 1 लाख 70 हजार रुपए समेत सोने के आभूषण चोरी कर लिए।

पूर्व सेनाकर्मी का रुपए से भरा बैग उड़ाया 

वहीं कामठी में पिछले कुछ दिनों से अापराधिक गतिविधियां काफी बढ़ गई है। चोरी, लुटपाट जैसी घटनाओं में भी बेतहाशा इजाफा हुआ है। शुक्रवार को शरीर पर खुजली का स्प्रे मारकर पूर्व सेनाकर्मी का ध्यान भटका कर उनके पास की 25 हजार रुपयों से भरी बैग उड़ा ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार कामठी के जूना पुलिस थाना अंतर्गत आने वाले ओम नगर रनाला के सेवानिवृत्त सेनाकर्मी 74 वर्षीय कंवरसिंह पंधाल शुक्रवार की दोपहर को कामठी के किराना ओली स्थित शिक्षक सहकारी बैंक गए थे। बैंक से उन्होंने 25 हजार रुपए निकाले। इसके बाद उन्होंने पैसे और पासबुक एक थैली में रखकर अपनी दुपहिया से रनाला स्थित निवास स्थान पर जाने के लिए निकले। इस बीच उन पर नजर रखे हुए अज्ञात लुटेरों ने गांधी चौक से गोयल टाकीज चौक के बीच पंधाल की पीठ और गर्दन पर स्प्रे मारा। इसके तुरंत बाद पंधाल ने गाड़ी रोकी और खुजली आने पर खुजाने लगे। खुजली से परेशान पंधाल थोड़ी ही दूरी पर लगे एक पानी पुरी की दुकान पर गए और अपनी गाड़ी रोकी। जैसे ही उन्होंने पानीपुरी वाले से पानी मांगा और अपने चेहरे और गर्दन पर मारने लगे उनकी नजर गाड़ी पर गई। गाड़ी पर लटकी रुपए से भरी बैग गायब थी। पंधाल ने पुलिस को दिए बयान के अनुसार जिन लोगों ने स्प्रे मारा उनमें से एक उनके पास आया और पंधाल से कहने लगा कि जहां खुजली हो रही है वहां पर पानी डालकर साफ कर लें, इसलिए वे पानीपुरी की दुकान पर पहुंचे थे। लेकिन इतनी ही देरी में उन्होंने अपना काम कर लिया। पंधाल को परेशान देख थोड़ी देर के लिए वहां भी इकट्ठा हो गई थी। मामला सामने आते ही उन्होंने तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर पुलिस काे सारी घटना बताई। पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है।

एसी कोच से मोबाइल चुराने वाला पकड़ा गया

उधर इतवारी स्टेशन पर शुक्रवार को एसी कोच से मोबाइल चुराने वाला पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से 4 मोबाइल और अन्य वस्तुएं जब्त की गईं। दोपहर करीब 3 बजे इतवारी स्टेशन पर आरपीएफ स्टाफ गश्त पर था, तभी स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने सर्कुलेटिंग क्षेत्र में एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। संदेह के आधार पर उससे पूछताछ करने पर उसने अपना नाम सन्नी वसंत कुमार (23), निवासी पंचशील नगर, भिलाई, जिला दुर्ग बताया। उसके पास रखे बैग की तलाशी लेने पर उसमें 4 मोबाइल, 580 रुपए नगद सहित पर्स, अाधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, कटर और काले रंग की घड़ी पाई गई। सामान की कुल कीमत लगभग 35 हजार है। 

जुलूस के बहाने निकाली राजनीतिक रंजिश

वहीं कोराडी में राजनीतिक रंजिश गर्माने लगी है। देवी विसर्जन के दौरान निकाले गए जुलूस में यातायात जाम होने से एक परिवार के तीन भाइयों ने पिता की मदद से सरपंच के पति पर हमला कर दिया। गाली-गलौज कर अपमानित किया गया। इससे कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा। पीड़ित और आरोपी परिवार के बीच पहले से ही राजनीतिक रंजिश है, जो विसर्जन के दौरान खुलकर बाहर आ गई। कोराड़ी थाने में आरोपी पिता-पुत्रों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार कोराड़ी स्थित विद्या नगर निवासी जख्मी बाबाराव पंडित (43) है। बाबाराव की पत्नी कोराडी ग्राम पंचायत की सरपंच है। आरोपी रंजिश चव्हाण, उसका भाई रणधीर चव्हाण, अभिजीत चव्हाण और उनके पिता बसंत चव्हाण हैं। चव्हाण परिवार की एक महिला भी ग्राम पंचायत की सदस्य है। दोनों परिवारों के बीच कुछ वर्ष से राजनीतिक रंजिश चल रही है। सरपंच का पति बाबाराव बस्ती के देवी उत्सव मंडल का पदाधिकारी है। गुरुवार की रात करीब 10.30 बजे गाजे-बाजे के साथ देवी को विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था। विसर्जन का भव्य जुलूस निकलने से चव्हाण परिवार के घर के पास यातायात जाम हो गया, हालांकि बाबाराव मंडल के अध्यक्ष मोरेश्वर वराड़कर और बाकी पदाधिकारी गोपाल कलंबे, प्रकाश नाखले आदि के साथ मिलकर जाम से निजात पाने का प्रयास कर रहे थे। जाम के दौरान ही चव्हाण बंधु रंजिश और रणधीर कहीं जाने के लिए घर से अपनी कार लेकर निकले। जाम में फंसने से वह बाबाराव को जाति संबंधित गाली-गलौज कर अपमानित करने लगे। इससे माहौल बिगड़ गया। चव्हाण परिवार ने बाबाराव पर पत्थर से हमला कर उसे जख्मी कर लात-घूंसों से पिटाई कर दी। इससे बाबाराव के नाम पर गंभीर चोट लग गई। 

पुलिस ने एट्रोसिटी एक्ट और एंट्री के नाम पर पुलिस सिपाही ने की वसूली


नागपुर में एट्री करने के लिए यातायात विभाग के नायक पुलिस सिपाही ने एंट्री के तौर पर ऑटो रिक्शा चालक से 500 रुपए की रिश्वत वसूली की। शनिवार की शाम को उसे एसीबी (भ्रष्ट्राचार प्रतिबंधक विभाग)ने रंगेहाथ धर-दबोचा है। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा रहा।  आरोपी नायक पुलिस सिपाही राजकुमार कोडापे है। वह एमआईडीसी यातायात विभाग में कार्यरत है। हिंगना से बर्डी ऑटो चलाने के बदले में राजकुमार ऑटो रिक्शा चालकों से एंट्री फीस से रूप में रिश्वत की मांग कर रहा था। इस बीच 21 वर्षीय ऑटो चालक ने एसीबी को इसकी शिकायत की। प्रकरण की गंभीरता से राजकुमार को रंगेहाथ पकड़ने की रणनीति बनाई गई, जिसके चलते शनिवार की शाम करीब 5.30 बजे के दौरान हिंगना रोड स्थित सीआरपीएफ कैंप के गेट के पास ऑटो चालक से पांच सौ रुपए की रिश्वत एंट्री के रूप में स्वीकार करते हुए एसीबी ने पकड़ा है। जांच जारी है।
 

भिवापुर में रेत चोरी करते पकड़ाया

उध भिवापुर के कारगांव शिवार में शुक्रवार की रात करीब 8.30 बजे से 9.30 बजे के दौरान टिप्पर क्रमांक एमएच-09, बीसी-2916 से चोरी की रेत ले जाते एक आरोपी को भिवापुर पुलिस ने पकड़ा। आरोपी का नाम दिनेश मनोहर सावरकर (30), आजगांव निवासी बताया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के टिप्पर में करीब 5 ब्रांस रेत मिली। संबंधित दस्तावेज के बारे में पूछताछ करने पर वह टालमटोल जवाब देने लगा। जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वाहन सहित कुल 10 लाख 20 हजार का माल जब्त किया गया। आरोपी के खिलाफ भादंवि की धारा 379 के तहत भिवापुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच भिवापुर पुलिस कर रही है।
 

लूट का विरोध किया तो कर दी हत्या

वाठोड़ा थानांतर्गत हुई हत्या का पर्दाफाश हो गया है। लूटपाट के इरादे से आठ युवकों ने अपहरण कर युवक की हत्या कर दी। आराधना नगर से बिड़गांव के बीच में खून से लथपथ हालत में शुक्रवार को शव पाया गया था। प्रकरण में चार नाबालिग लिप्त हैं। मृतक की शिनाख्त नरेंद्र गोपीचंद बोरकर (40), बाबुलबन, गरोबा मैदान निवासी के रूप में हुई है। नरेंद्र प्लम्बिंग का काम करता था। जिला परिषद में अस्थायी तौर पर कार्य करता था। नरेंद्र की हत्या के आरोप में बादल उर्फ राजू ढवरे (19), मयूर मुनेश्वर नागदेवे (18), संदीप विजयकुमार शाहू (20), तीनों भांडेवाड़ी और फिरोज शमशाद अंसारी (19), पारडी निवासी को िगरफ्तार िकया गया है। आरोपियों के चार नाबालिग साथियों को हिरासत में लिया गया है। गुरुवार की रात में आरोपियों ने िमनीमाता नगर में नरेंद्र से नकदी लूटने का प्रयास िकया था, लेकिन उसके पास नकदी नहीं थी। छीना-झपटी के दौरान नरेंद्र ने तीन-चार आरोपियों की पिटाई भी की, लेकिन  आरोपियों की संख्या ज्यादा होने से वे नरेंद्र पर भारी पड़ गए। आरोपी  नरेंद्र को चोरी के ऑटो रिक्शे में जबरन ठूंस कर उसे अगवा कर आउटर रिंग रोड से आराधना नगर होते हुए बिड़गांव के तरफ ले गए। वहां नरेंद्र के पास रखे प्लम्बिंग के सामान से ही वार कर उसका सिर फोड़ दिया और उसकी हत्या कर दी। दूसरे दिन सुबह खून से लथपथ हालत में नरेंद्र की लावारिस लाश पुलिस ने बरामद की थी।
 
चाकू की नोंक पर युवक से लूटपाट

खापरखेड़ा के अन्ना मोड़ पर चाकू की नोंक पर युवक से लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया। मामले में लिप्त पांच आरोपियों में से 2 विधिसंघर्ष बताए जा रहे है। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक-1, चिचोली, खापरखेड़ा निवासी योगेश सुधाकर पहाड़े मंगलवार 8 अक्टूबर की रात बाइक से अपने घर लौट रहा था। इस बीच अन्ना मोड़ पर 5 आरोपियों ने योगेश की बाइक रोकी और हमें कोराडी मंदिर में दर्शन करने जाना है, लेकिन पैसे नहीं होने का बहाना बनाते हुए पैसे की मांग करने लगे। योगेश के मना करते ही अश्लील गाली-गलौज करते हुए आरोपियों ने चाकू से हाथ और पैर पर वार कर घायल कर दिया। घटना के बाद योगेश ने खापरखेड़ा पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामला दर्ज किया। फरियादी की शिकायत पर दो आरोपियों को गिरफ्तार व तीन विधिसंघर्ष को हिरासत में लिया गया। आरोपियों के खिलाफ भादंवि की धारा 143,147, 148, 149,326, 504,506 के तहत खापरखेड़ा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच खापरखेड़ा पुलिस कर रही है।

दर्ज होगा फौजदारी का मामला

मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर ने गड्ढे भरने में लापरवाही बरते जाने पर अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई। विविध विभागों के अधिकारियों को शहर में घूमकर गड्ढे दिखाई देने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गड्ढे भरने में अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गड्ढों के चलते कोई दुर्घटना होने पर हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार भादंवि की धारा 283 के अनुसार संबंधित ठेकेदार पर फौजदारी मामला दर्ज किया जाएगा। ठेकेदार पर मामला दर्ज नहीं करने पर भादंवि की धारा 217 अंतर्गत संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निश्चित कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की चेतावनी दी। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।