दैनिक भास्कर हिंदी: जजों से बदतमीजी करने वाले वकील को न्यायिक हिरासत में भेजा

March 20th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। बॉम्बे हाइकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के जज आर. के. देशपांडे के खिलाफ 50 लाख की मानहानि का दावा ठोकने वाले अधिवक्ता अरविंद वाघमारे को न्यायमूर्ति जेड.ए.हक और विनय जोशी की खंडपीठ ने बुधवार की दोपहर 2.30 बजे तक की न्यायिक हिरासत में भेजा पश्चात कोर्ट ने 2.30 फिर सुनवाई रखी।

दरअसल वाघमारे द्वारा दायर याचिका पर हाइकोर्ट ने सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करने का फैसला लिया था, वाघमारे ने इसका पूरा खर्च उठाते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए 1 लाख रुपए भी कोर्ट में भरे थे, लेकिन पिछली ही सुनवाई की तरह बुधवार सुबह हुई सुनवाई में जब खंडपीठ ने वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू नहीं करवाई तो वाघमारे कोर्ट पर खीज उठे, उनकी आवाज ऊंची हो गई, इससे नाराज कोर्ट ने उन्हें तुरंत न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अचानक हुए इस वाकये की कोर्ट परिसर में खूब चर्चा हो रही है।

यह था पूरा विवाद
मामला अप्रैल 2016 से शुरू हुआ। याचिकाकर्ता नयन इंगले से जुड़ी एक पुनर्विचार याचिका को नागपुर सत्र न्यायालय ने रद्द करते हुए बाल न्यायालय के आदेश को कायम रखा था। पक्षकारों ने इसे नागपुर खंडपीठ में चुनौती दी थी। एड.वाघमारे उनके वकील थे। याचिका में कोर्ट के समक्ष दावा किया गया कि नागपुर खंडपीठ ने इस मामले में स्टे ऑर्डर जारी कर उन्हें संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष डिसचार्ज अर्जी दायर करने के आदेश दिए थे। याचिका का उद्देश्य पूर्ण हो जाने से कोर्ट ने इस याचिका को डिसपोज कर दिया था।

अधिवक्ता वाघमारे का आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के एक सप्ताह बाद भी यह ऑर्डर हाईकोर्ट की वेबसाईट पर अपलोड नहीं किया गया। जब ऑर्डर वेबसाइट पर अपलोड हुआ तो उसके शब्द परिवर्तित किए गए थे। भरे कोर्ट में इस याचिका को डिसपोज किया गया था, लेकिन अपलोड किए गए ऑर्डर में याचिका को डिसमिस यानी रद्द बताया गया। उन्होंने इसे मानवीय भूल समझ कर सुधार की अर्जी दायर की, लेकिन बात बनने की जगह बिगड़ती चली गई और अंतत: उन पर और उनके पक्षकारों पर कोर्ट की अवमानना का मामला दायर कर दिया गया। ऐसे में उन्होंने इस अवमानना प्रकरण में हाईकोर्ट में अपील दायर की है। साथ ही हाईकोर्ट रजिस्ट्री पर कुल 50 लाख रुपए का मानहानि का दावा भी प्रस्तुत किया है।