दैनिक भास्कर हिंदी: मौत से जूझता रहा मरीज, सीनियर डॉक्टर रहे नदारद

January 14th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में शनिवार शाम को मरीज की उपचार के दौरान मौत होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। हंगामा करने वालों को रोकने के लिए सर्जरी कैजुअल्टी के सभी गेटों पर ताले लगा दिए गए। परिजनों का आरोप है कि मरीज के उपचार में लापरवाही बरती गई, जिससे मरीज की मौत हुई और कैजुअल्टी में सीनियर डॉक्टर नहीं थे। हंगामे के चलते सामान्य लोग तो दूर, मरीजों को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। इस घटना से मेडिकल प्रबंधन अंजान रहा और मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। शनिवार को रेशमबाग स्थित मेंहदी लॉन के पास दो मोटर साइकिलों की टक्कर में महल स्थित दसरा रोड निवासी शेख अदीम और सैय्यद अरशद  गंभीर रूप से घायल हो गए। मेडिकल में करीब 3:40 बजे मरीजों को उपचार के लिए लाया गया। यहां उपचार के दौरान शेख अदीम की मौत हो गई, जबकि सैय्यद अरशद की हालत नाजुक बताई जा रही है।

मौके पर सीनियर डॉक्टर नहीं

मरीज को ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती किया गया। मृत्यु के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि मौके पर सीनियर डॉक्टर नहीं थे। मरीज के उपचार में लापरवाही बरती गई। गंभीर मरीज के उपचार के लिए जब भी डॉक्टरों को बुलाया गया, ताे उन्होंने सहयोग नहीं किया। उपचार में लापरपवाही के कारण मरीज की मृत्यु हुई। इसके बाद पचासों लोग मरीज के परिजनों के साथ सर्जरी कैजुअल्टी में शाम करीब 5:30 बजे आधा घंटे तक जमकर हंगामा किया। मामला इतना बिगड़ गया कि मेडिकल के सारे सुरक्षाकर्मी सर्जरी कैजुअल्टी में जमा हो गए और चारों ओर से गेट बंद कर िदए। इस दौरान किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। मरीज को मेडिसिन की कैजुअल्टी से घूमकर अंदर आना पड़ रहा था। वहां भी गेट पर ताला लगा हुआ था। हैरानी की बात यह है कि मेडिकल में मरीज के परिजन आधा घंटे हंगामा करते रहे और सर्जरी कैजुअल्टी का सारा स्टॉफ हंगामे की दहशद के कारण ताले में बंद रहा। इतना सब होने के बाद भी मेडिकल प्रबंधन को कानों-कान खबर तक नहीं लगी। मेडिकल प्रबंधन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं था।