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अजित पवार का दावा, पृथक विदर्भ राज्य बनाने वाले थे मुख्यमंत्री

अजित पवार का दावा, पृथक विदर्भ राज्य बनाने वाले थे मुख्यमंत्री

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद पृथक विदर्भ राज्य बनाने वाले थे। शुक्रवार को एक न्यूज चैनल से बातचीत में अजित ने कहा कि फडणवीस ने मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझसे निजी बातचीत में कहा था कि मेरे साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद मैं तेलंगाना के तर्ज पर अलग विदर्भ राज्य बनाने का प्रस्ताव सदन में पेश करूंगा। अजित ने कहा कि फडणवीस का अलग विदर्भ राज्य बनाने का पक्का मत था लेकिन जैसे-जैसे उनका मुख्यमंत्री पद का एक-एक महीना बितता गया वैसे उनके मन में आने लगा कि वे विदर्भ सहित महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बने रहे और उन्होंने अपना पद मुख्यमंत्री ठिकाए रखा। 

बालासाहब ठाकरे को गिरफ्तार करना चूक 

अजित ने अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व गृहमंत्री छगन भुजबल को मुश्किलों में डाल दिया है। अजित ने कहा कि साल 2000 में तत्कालीन शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे को गिरफ्तार करने का फैसला चूक थी ऐसा किसी के साथ नहीं होना चाहिए। लेकिन कुछ लोगों की जिद के कारण ठाकरे को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के दशहरा सम्मेलन में कहा था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार के खिलाफ ईडी की कार्रवाई बदले की भावना से की गई है तो साल 2000 में ठाकरे को जब गिरफ्तार किया गया तो उस समय बदले की राजनीति नहीं थी क्या। 

कांग्रेस के कारण मनसे को महागठबंधन में नहीं ले पाए 

अजित ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए मनसे को महागठबंधन में शामिल करने की हमारी इच्छा थी। लेकिन कांग्रेस के कारण हम मनसे को महागठबंधन में शामिल नहीं कर पाए जिसका हमें दुख है।


 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।