दैनिक भास्कर हिंदी: कांग्रेस को शिवसेना में इंटरेस्ट नहीं, अजित बोले-सियासत में दोस्ती और दुश्मनी स्थाई नहीं होती

October 30th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राकांपा के वरिष्ठ नेता अजित पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) विधायक दल का नेता चुना गया है। भाजपा-शिवसेना के बाद राकांपा के सबसे ज्यादा विधायक चुने गए हैं। इस लिहाज से अजित विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अजित पवार ने कहा कि राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी स्थाई नहीं होती। अजित के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में कयासबाजी तेज हो गई है। बुधवार को प्रदेश राकांपा कार्यालय में हुई राकांपा विधायकों की बैठक में अजित पवार को सर्वसहमति से विधायक दल का नेता चुना गया। उनके नाम के प्रस्ताव पर नवाब मलिक, जितेंद्र अव्हाड, धनंजय मुंडे और हसन मुश्रीफ ने अनुमोदन किया। राकांपा के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार की गलतियों को उजागर करेगी। अजित पवार ने विपक्ष में बैठने का संकेत देते हुए कहा कि हम इस पर नजर रखेंगे कि क्या सरकार सही दिशा में काम कर रही है? हम सुनिश्चित करेंगे कि सरकार की ओर से समाज के किसी भी तबके के साथ कोई अन्याय नहीं हो। अजित ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी के विधायक अगर हमें छोड़कर भाजपा में शामिल नहीं हुए होते तो प्रदेश में आज हमारी सरकार बनती। विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिल जाता। लेकिन अब चुनाव नतीजें आ चुके हैं। इसलिए अब आंकड़े महत्वपूर्ण है। भाजपा सरकार बनाए। हम विपक्ष में रहेंगे। अजित ने कहा कि यदि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता आर आर पाटील होते तो आज हमारी सरकार बन गई होती। अजित ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के विधायकों की संख्या 110 से 115 तक है। इसमें कई निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं। लेकिन हमारा सालों का अनुभव रहा है कि अधिकांश निर्दलीय दल सत्ताधारी के साथ जाते हैं।

विपक्ष में बैठेगी राकांपा और कांग्रेस: जयंत पाटिल

प्रदेश राकांपा प्रमुख जयंत पाटिल ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी और उसकी सहयोगी कांग्रेस जनादेश के मुताबिक राज्य में विपक्ष में बैठेगी। राज्य में सरकार गठन में शिवसेना का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) द्वारा समर्थन किये जाने की संभावना की अटकलों के बीच पाटिल की यह टिप्पणी आई है। पाटिल ने कहा कि-हमें लोगों ने विपक्ष में बैठने के लिए जनादेश मिला है। और हम यह कर्तव्य निभाएंगे। गौरतलब है कि मंगलवार को राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा था कि यदि भाजपा विधानसभा में बहुमत जुटाने में नाकाम रहती है तो उस स्थिति में एक वैकल्पिक सरकार बनाने पर विचार किया जा सकता है। 

शिवसेना के साथ जाने का कोई विचार नहीः खडगे

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मल्लिकार्जुन खडगे ने सरकार बनाने के लिए शिवसेना के साथ गठजोड़ करने की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि हमें विपक्ष मैं बैठने का जनादेश मिला है, इस लिए हम इसका सम्मान करते हुए विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन में हुई पार्टी नेताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में खडगे ने कहा कि शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बाला साहेब थोरात ने कहा कि सरकार गठन के लिए कांग्रेस द्वारा शिवसेना को समर्थन देने को लेकर सिर्फ मीडिया में अटकलबाजी चल रही है। इस विषय पर पार्टी के स्तर पर कोई चर्चा नहीं हुई है। वहीं इस मौके पर पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि कांग्रेस व शिवसेना की विचाराधारा एक दूसरे से पूरी तरह से भिन्न है। ऐसे में इन दो दलों के एक साथ आने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता। 

शिवसेना-कांग्रेस का कभी नहीं हो सकता मिलनः चव्हाण

पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि सत्ता को लेकर भारतीय जनता पार्टी व शिवसेना के बीच जारी खीचतान एक दिखावा व स्टंट है। शिवसेना व कांग्रेस कभी एक साथ नहीं आ सकते। इसके अलावा कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने कहा कि हम आगामी 5 नवंबर से 15 नवंबर के बीच बेरोजगारी व आर्थिक मंदी को लेकर राज्य व्यापी मोर्चा निकालेंगे। किसानों कि मदद के मुद्दे को लेकर कांग्रेस जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात करेगी। 

पैसों की किल्लत पर भड़की यशोमति ठाकुर

बैठक में मौजूद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता व यवतमाल से कांग्रेस विधायक यशोमति ठाकुर ने इस बात पर नाराजगी जताई कि विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी की तरफ से अपने उम्मीदवारों की कोई आर्थिक मदद नहीं की गई। उन्होंने बगैर नाम लिए दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों पृथ्वीराज चव्हाण और अशोक चव्हाण पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारी पार्टी इतने वर्षों तक सत्ता में रही, इसके बावजूद पार्टी इतनी कंगाल क्यों हैं। ठाकुर ने कहा कि हमारे कई उम्मीदवार पैसों की कमी के चलते दो-चार हजार वोट के अंतर से चुनाव हार गए। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार के नागपुर में पार्टी हाईकमान को देकर दिए गए बयान पर भी आपत्ति जताई। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शहरों में कांग्रेस की हालत पर चिंता जताते हुए इस दिशा में विचार किए जाने की बात कही।  

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