comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

अजनी पुल भारी वाहनों के लिए बंद, ट्रैफिक धीमा होने से लग रहा लंबा जाम 

अजनी पुल भारी वाहनों के लिए बंद, ट्रैफिक धीमा होने से लग रहा लंबा जाम 

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अजनी पुल को महानगरपालिका के निर्देश पर भारी वाहनों के यातायात के लिए बंद कर दिया गया है जिससे यहां लंबा जाम लग गया है। पुल के दोनों ओर बीच में पोल लगा दिए गए हैं ताकि भारी वाहन पुल पर न जा सके।  पुल की अवधि पूरी होने पर ब्रिटिश सरकार पत्र भेजकर सालों पहले जानकारी दे चुका है। पुल को अजनी स्टेशन, एफसीआई गोदाम, टीबी वार्ड और तुकड़ोजी पुतला ऐसी कनेक्टिविटी करने का प्रस्ताव केन्द्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने रखा था।

अजनी पुल को 100 साल से अधिक समय हो गया है इस वजह से उसकी अवधि भी पूरी हो गई है और वह क्षतिग्रस्त की लिस्ट में भी शामिल हो गया है। ऐसे में सुरक्षा कारणों से पुल को बंद कर दिया गया है। पुल के दोनों ओर पोल लगाने के कारण भारी वाहनों का प्रवेश तो बंद हुआ ही है साथ ही वाहनों की गति धीमी हो गई है। इस वजह से मेडिकल चौक की ओर से जाने वाले वाहन जाम में फंस रहे हैं। यह ट्रैफिक रेलवे मेन्स शिशु मंदिर प्राइमरी स्कूल के और पीछे तक लग रहा है। वहीं दूसरी ओर से अजनी स्टेशन और अजनी चौक से आने वाले यातायात बड़ी आसानी से निकल रहा है।

बसों को करना पड़ रहा है वापस
मेडिकल चौक से जाने वाली बसें टीवी वार्ड स्टेशन के बाद जैसे ही रेलवे मेन्स शिशु मंदिर प्राइमरी स्कूल पर पहुंचती है तो उन्हें बताया जाता है कि आगे रास्ता बंद है जिस पर बस को वहां से बैक करने पर वहां से ट्रॉफिक लगने लगता है जो काफी लंबा हो जाता है।

ट्रैफिक से बचने के लिए 
ट्रैफिक से बचने के लिए अजनी स्टेशन, अजनी चौक और रामदासपेठ की ओर जाने वाले जाटतरोड़ी या फिर वैद्यनाथ चौक से घाट रोड का रास्ता ले सकते हैं। वहीं छत्रपति चौक ओर जाने वाले घाट रोड, धंतौली से अजनी चौक या फिर मानेवाड़ा से छत्रपति चौक की ओर जा सकते हैं।

स्कूल बस न निकलें
पुल पर भारी वाहनों को जाने से रोकने के लिए पोल लगा दिए गए हैं। यातायात को संभालने के लिए पुल के दोनों ओर पुलिस के अधिकारी और जवान तैनात हैं। स्कूल की छोटी बसें भी वहां से ना निकले हम ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं। इस व्यवस्था में सभी का सहयोग चाहिए।
चिन्मय पंडित, उपायुक्त, यातायात पुलिस

कमेंट करें
MrVF4
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।