दैनिक भास्कर हिंदी: दांव आजमाने की तैयारी: अक्टूबर में शक्ति प्रदर्शन करने मैदान में उतरेंगे आंबेडकर-ओवैसी

September 1st, 2018

डिजिटल डेस्क,नागपुर। लोकसभा व विधानसभा के चुनावों में छोटे दल भी एकजुट होकर दांव आजमाने की तैयारी में हैं। राज्य की राजनीति में अपने-अपने तरीके से प्रभाव दिखाने का प्रयास कर रहे प्रकाश आंबेडकर व असदुद्दीन ओवैसी शहर में भी शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। प्रकाश आंबेडकर भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष हैं। लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में एआईएमआईएम अर्थात ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तहदुल मुस्लिमीन काम कर रही है। आंबेडकर ने चुनाव तैयारी के तहत बहुजन वंचित आघाड़ी बनायी है। बहुजन वंचित आघाड़ी को ओवैसी की पार्टी ने समर्थन दिया है। साथ ही अन्य दलों को भाजपा-कांग्रेस के विरोध में एकजुट किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि, जल्द ही बहुजन वंचित आघाड़ी की नई ताकत दिखायी देने लगेगी। 

एआईएमआईएम की रणनीति पर निर्णय जल्द
एआईएमआईएम राज्य की राजनीति में रणनीति के संबंध में जल्द ही निर्णय लेने वाली है। दावा किया जा रहा है कि, राज्य में कम से कम 3 लोकसभा क्षेत्र में एआईएमआईएम का उम्मीदवार होगा। दक्षिण मुंबई के अलावा औरंगाबाद सीट उनके लिए पहली पसंद होगी। पिछले विधानसभा चुनाव के अलावा मनपा चुनाव में कुछ स्थानों पर एआईएमआईएम ने प्रभाव दिखाया था। फिलहाल राज्य में पार्टी के 2 विधायक हैं। 127 नगरसेवक हैं। नागपुर मनपा के चुनाव में पार्टी ने 18 उम्मीदवार थे। उम्मीदवारों को करीब 65 हजार मत मिले थे। ताजाबाग, मोमिनपुरा, टेका, भालदारपुरा व जाफर नगर के प्रभागों में उम्मीदवार उतारे गए थे। चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी की ओर से आगामी चुनावों में भी ताकत दिखाने का प्रयास किया जाएगा।

अांबेडकर का नागपुर पर फोकस
प्रकाश आंबेडकर ने अचानक नागपुर क्षेत्र पर फोकस किया है। भीमा कोरेगांव प्रकरण के बाद महाराष्ट्र बंद के दौरान प्रकाश आंबेडकर के राजनीतिक नेतृत्व को बल मिला है। लिहाज आंबेडकर ने सबसे पहले गोंदिया-भंडारा के लोकसभा उपचुनाव में ताकत दिखाने का प्रयास किया था। आंबेडकर की पार्टी के उम्मीदवार को 40 हजार के करीब मत मिले। नागपुर में कई प्रभाग व विधानसभा क्षेत्र में भी आंबेडकरवादियों की संख्या अधिक है। आंबेडकरवादी राजनीति का दावा करने वाली बसपा के 12 नगरसेवक हैं।

लिहाजा सामाजिक स्थिति को देखते हुए भारिप-बहुजन महासंघ ने जनाधार बढ़ाने का प्रयास आरंभ किया है। संगठनात्मक सुधार पर जाेर दिया जा रहा है। सागर डबरासे जैसे युवा नेताओं को सामने करके संगठन को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि, ओवैसी व आंबेडकर के नेतृत्व में बहुजन वंचित आघाड़ी का प्रभाव इस क्षेत्र में भी दिखने लगेगा। 

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