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कोरोना से अनाथ हुए बच्चों पर असामाजिक तत्वों की नजर, सरकार ने कहा- कठोर कार्रवाई होगी, हेल्पलाइन नंबर जारी 

कोरोना से अनाथ हुए बच्चों पर असामाजिक तत्वों की नजर, सरकार ने कहा- कठोर कार्रवाई होगी, हेल्पलाइन नंबर जारी 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोरोना के कारण अभिभावकों को खोने वाले बच्चों के असहाय होने का फायदा उठाने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार के महिला व बाल विकास विभाग ने यह चेतावनी दी है। महिला व बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों को गैरकानूनी रूप से गोद लेना कानूनन अपराध है। मंगलवार को महिला व बाल विकास विभाग ने कहा कि कोरोना की बीमारी के कारण मां-पिता को खोने वाले बच्चों को गैर कानूनी रूप से दत्तक और बेचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम, ट्वीटर आदि सोशल मीडिया पर विभिन्न भावनात्मक पोस्ट किए जा रहे हैं। ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है कि बच्चे दत्तक के लिए उपलब्ध हैं। लेकिन इस प्रकार के बच्चों को दत्तक लेने और खरीद-बिक्री करना कानून के अनुसार गंभीर अपराध है। इस प्रकार का कृत्य करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860, बच्चों के देखभाल व संरक्षण अभिनियम 2015 और दत्तक नियमावली 2017 के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

हेल्पलाइन नंबर पर करें संपर्क

राज्य के महिला व बालविकास आयुक्तालय ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इसकी जानकारी मिलते ही हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क करने का आह्वान किया है। राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सारा महाराष्ट्र) के नंबर 8329041531 पर भी जानकारी दी जा सकती है। राज्य में कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों की जानकारी मिलते ही दोनों नंबरों पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में महिला व बालविकास अधिकारी कार्यालय, जिला बाल सुरक्षा कक्ष, बाल कल्याण समिति और पुलिस तंत्र से तत्काल संपर्क करके ऐसे बच्चों को अपने कब्जे में लेने को कहा गया है। सरकार की ओर से ऐसे बच्चों की उचित देखभाल की जाएगी।  

बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया वेबसाइट पर

महिला व बालविकास विभाग ने कहा कि बच्चों के गोद लेने संबंधी कानूनी प्रक्रिया की जानकारी केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) की वेबसाइट www.cara.nic.in पर उपलब्ध है। गोद लेने के लिए इच्छुक अभिभावक इस वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं।  

विशेष मदद कक्ष की स्थापना

राज्य में अनाथ बच्चों को संकट के समय मदद दिलाने के लिए महिला व बाल विकास आयुक्तालय और सेव द चिल्ड्रन (इंडिया) ने संयुक्त रूप से विशेष मदद कक्ष स्थापित किया है। मदद कक्ष के मोबाइल नंबर 8308992222 और 7400015518 पर सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच संपर्क किया जा सकता है। कोरोना अथवा अन्य कारणों से अभिभावक की मौत होने और बच्चों को किसी परिजन द्वारा स्वीकार करने के लिए तैयार न होने की स्थिति में हेल्पलाइन पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है। 

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