दैनिक भास्कर हिंदी: एंटीलिया विस्फोटक मामला : कुछ और पुलिस अधिकारियों पर कस सकता है एनआईए का शिकंजा

June 18th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरेन हत्या मामले की छानबीन कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जल्द ही मामले में कुछ और पुलिस अधिकारियों पर शिकंजा कस सकती है। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की मदद करने के मामले में तीन पुलिस अधिकारी जांच एजेंसी की रडार पर हैं। इन्हें जल्द ही बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जा सकता है। जांच एजेंसी को शक है कि तीनों पुलिस अधिकारियों को मामले की पूरी जानकारी थी। 

मामले में गुरूवार को एनआईए ने प्रदीप शर्मा समेत तीन लोगों को मामले में गिरफ्तार किया था। एनआईए का दावा है कि शर्मा और मामले के मुख्य आरोपी सचिन वाझे के इशारे पर पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। मनसुख की हत्या करने वाले आरोपियों को भी इस काम के लिए नकद पैसे दिए गए। प्रदीप शर्मा का गैरसरकारी संगठन (एनजीओ) पीएस फाउंडेशन भी जांच के घेरे में है। जांच एजेंसी को पीएस फाउंडेशन से जुड़े कुछ कागजात मिले हैं साथ ही एनजीओ के दो कर्मचारियों से भी जांच एजेंसी ने पूछताछ की है।

शर्मा इस एनजीओ के जरिए जरूरतमंदों की मदद का दावा करते हैं, लेकिन एनआईए को शक है कि इसका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों और पैसों के लेनदेन में भी हुआ है। पूरी वारदात को कैसे अंजाम दिया गया एनआईए इसकी गुत्थी तो करीब करीब सुलझा चुकी है, लेकिन मामले में शर्मा की संलिप्तता और गिरफ्तारी के बाद वाझे के उस दावे पर सवालिया निशान लग गए हैं कि उसने प्रसिद्धि हासिल करने के लिए एंटीलिया के बाहर विस्फोटक भरी कार खड़ी करवाई।

वाझे ने अब तक जांच एजेंसी से यही दावा किया था कि वह अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा फिर से पाना चाहता था। लेकिन शर्मा की गिरफ्तारी के बाद सवाल खड़े हो गए हैं कि इस पूरे खेल में शर्मा का क्या फायदा था। क्या उसने किसी और के इशारे पर यह पूरा खेल रचा था। शर्मा की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और ऊपर तक पहुंच सकती है।   

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