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प्रसार भारती में शायना एनसी की नियुक्ति, प्रदेश में 1 फरवरी से सरकारी खरीदी पर रोक 

प्रसार भारती में शायना एनसी की नियुक्ति, प्रदेश में 1 फरवरी से सरकारी खरीदी पर रोक 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। केंद्र सरकार ने प्रदेश भाजपा की कोषाध्यक्ष शायना एनसी को प्रसार भारती के निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में नियुक्त की है। गुरुवार को शायना ने इस नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सचूना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर के प्रति आभार जताया है। शायना लंबे समय से भाजपा से जुड़ी हुई हैं। 

शिक्षा संस्थानों में राष्ट्रगान गाने का फैसला लागू

प्रदेश के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सार्वजनिक कार्यक्रमों से पहले राष्ट्रगान गाने के फैसले को लागू कर दिया है। सामंत ने गुरुवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर यह फैसला लागू किया। सामंत ने कहा कि उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत आने वाले इंजीनियरिंग, फार्मेसी, डी फार्म, आर्किटेक्ट जैसे शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थी द्वारा जन गण मन गाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य होगा। सामंत ने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ने वाले 38 लाख विद्यार्थियों को राष्ट्रगान गाना होगा। इसके माध्यम से देशभक्ति की भावना पैदा करने की कोशिश की जाएगी। 

प्रदेश में 1 फरवरी से सरकारी खरीदी पर रोक 

प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के आखिर में मनमानी तरीके से होने वाली खरीदी पर रोक लगाने का फैसला किया है। सरकार के सभी विभाग 1 फरवरी 2020 के बाद खरीदी नहीं कर सकेंगे। सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों और कार्यालयों को 1 फरवरी से किसी भी खरीदी प्रस्तावों को मंजूरी न देने का आदेश दिया है। विभागों के कार्यालयों के वर्तमान फर्निचर के मरम्मत, जेरोक्स मशीन, कम्प्यूटर और उपकरण की खरीदी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा कार्याशाला, सेमिनार और किराए पर कार्यालय लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी नहीं दी जा सकेगी। केवल दवाइयों की खरीदी के लिए अनुमति दी जाएगी। गुरुवार को राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। इसके अनुसार सरकारी विभागों में खरीदी पर रोक 31 मार्च 2020 तक लागू रहेगी। यह आदेश सभी प्रशासनिक विभागों के कार्यालय, सरकारी महामंडल, अनुदानित संस्था, नगर निकायों को लागू रहेगा। जबकि जिला वार्षिक योजना और जनप्रतिनिधियों के स्थानीय विकास निधि के माध्यम से खरीदी का प्रस्ताव वित्त विभाग के पास भेजा जा सकता है लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी देने का अधिकार वित्त विभाग के पास होगा। सरकार के विभागों की ओर से बजट में आवंटित राशि को खर्च करने के लिए बेलगाम खरीदी गई जाती है। इसके मद्देनजर यह फैसला किया गया है। सरकार का कहना है कि बजट वर्ष के आखिरी 3 महीनों में बड़े पैमाने पर खरीदी के लिए खर्च होता है। इसलिए अनावश्यक खर्च को रोकने के लिए यह फैसला किया गया है। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।