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थोरात की सोनिया गांधी से हुई मुलाकात, उपमुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति नागपुर अधिवेशन के बाद

थोरात की सोनिया गांधी से हुई मुलाकात, उपमुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति नागपुर अधिवेशन के बाद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र में महाविकास आघाडी की सरकार में मंत्री बने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोरात ने सोमवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई। मीडिया से बातचीत में हालांकि उन्होने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस दौरान दोनों के बीच मंत्रिमंडल विस्तार सहित मंत्री बनाए जाने वाले संभावित विधायकों के नामों पर भी चर्चा की गई है। थोरात ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के कई विधायक चाहते है कि उन्हें मंत्री बनाया जाए, लेकिन इसके लिए पार्टी के भीतर कोई रस्साकशी नही है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूछे सवाल पर कुछ बताने से इंकार करते हुए उन्होने कहा कि यह कब तक होगा यह अभी नही बताया जा सकता। मंत्रीपद के संबंध में मित्र दलों से चर्चा की जाएगी। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस इस पक्ष में है कि राज्य सरकार का विस्तार नागपुर शीत सत्र के पहले हो।     
 

मंत्रिमंडल विस्तार में भी देरी के आसार

महाराष्ट्र के नए उपमुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नागपुर में होने जा रहे विधानसभा सत्र के बाद होगी। महाविकास आघाड़ी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि नागपुर में 16 दिसंबर से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। शीत सत्र के संपन्न होने के बाद नए उपमुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होगा। माना जा रहा है कि उद्धव मंत्रिमंडल का विस्तार भी नागपुर अधिवेशन के बाद ही होगा। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ में राकांपा सुप्रीमों शरद पवार के भतीजे अजित पवार सबसे आगे चल रहे हैं। हालांकि इस दौड़ में पार्टी विधायक दल के नेता जयंत पाटील का नाम भी शामिल है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि देवेन्द्र फड़नवीस की 80 घंटे की सरकार में भी उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार की दावेदारी पर राकांपा का शीर्ष नेतृत्व गंभीर है। महाराष्ट्र में भाजपा को पटखनी देकर शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की सरकार बनवाने के बाद शरद पवार सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद भवन में उन्होने साफ किया कि उपमुख्यमंत्री राकांपा का ही होगा। यह पूछे जाने पर कि उपमुख्यमंत्री कौन होगा, मराठा क्षत्रप ने बस इतना कहा कि आने वाले दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी। आघाड़ी के नेताओं का मानना है कि प्रदेश के नवनियुक्त सभी छह मंत्री सर्वश्री जयंत पाटील, छगन भुजबल, एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई, बाला साहब थोराट और नितीन राउत काफी अनुभवी हैं। लिहाजा नागपुर अधिवेशन के बाद मंत्रिमंडल विस्तार करने में कोई हर्ज नहीं है।    

दो पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं मंत्री पद की दौड़ में

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में सत्ताधारी आघाड़ी के कई विधायकों को लॉटरी लगने की उम्मीद है। विशेष यह कि मंत्री पद की दौड़ में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण और अशोक चह्वाण भी शामिल हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पृथ्वीराज विधानसभा का अध्यक्ष बनने को लेकर पहले से अनिच्छुक थे। उनकी दावेदारी शुरू से मंत्री पद के लिए है। बता दें कि एस वी चह्णाण, शिवाजीराव निलंगेकर और नारायण राणे भी मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद प्रदेश में मंत्री बने थे।

उद्धव को बेहतर संगठक मानते हैं शरद पवार

संसद भवन में शरद पवार को बधाई देने वालों का जैसे तांता लग गया। उन्हें बधाई देने वालों में न केवल विपक्षी पार्टियों के सांसद थे, बल्कि भाजपा के कई सांसदों ने भी उन्हें मुबारकवाद दी। पवार ने नए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बेहतर संगठक व धैर्यवान राजनीतिक करार देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सरकार पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेगी। संसद भवन में पवार के साथ राकांपा के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और पार्टी सांसद सुप्रिया सुले भी बधाईंया स्वीकार करते दिखे।

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