सौंपा ज्ञापन: नागापुर में पशुवैद्यकीय अस्पताल शुरू करने की मंजूरी दी जाए

January 13th, 2022

डिजिटल डेस्क, वर्धा। जिले का नागापुर गांव दुग्ध उत्पादन के लिए जिले में ही नहीं तो विदर्भ में प्रसिद्ध है। इस छोटे गांव की जनसंख्या से पशुओं की संख्या अधिक है। लेकिन पशुओं के लिए गांव में पशुचिकित्सा  अस्पताल नहीं होने से  पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागापुर गांव में पशुचिकित्सा  अस्पतालस मंजूर किया जाए, ऐसी मांग संभाजी ब्रिगेड की ओर से की गयी है। इस मांग का ज्ञापन जिप अध्यक्ष  सरिता गाखरे तथा मुख्याधिकारी को दिया गया है।नागापुर गांव में दुधारू पशुओं की संख्या अधिक होकर गांव में रोजाना करीब 3 हजार लीटर से अधिक दूध का उत्पादन होता है। लेकिन यहां पशुचिकित्सा अस्पताल नहीं होने से  पशुपालकों को अपने मवेशियों को के उपचार के लिए काफी परेशानियां सहनी पड़ती है। इस मौके का फायदा लेकर निजी पशुचिकित्सकीय  डॉक्टर पशुपालकों से हजारो रुपए लेते हैं। इस बात पर गौर कर संभाजी ब्रिगेड व नागापुर के दुग्ध उत्पादकों ने जिला परिषद अध्यक्ष व मुख्याधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिला उपाध्यक्ष अशोक वेले, जिला कार्याध्यक्ष राहुल गजभिये, वर्धा तहसील उपाध्यक्ष धीरज बनसोड, रवि घुमे, सेवाग्राम शाखा अध्यक्ष कोल्हे, सचिव अमर ताकसांडे, विशाल इंगोले, नागापुर के राजा भोयर, प्रवीण कोल्हे, शरद राऊत, किरण कारमोरे, नामदेव भोयर, परमेश्वर मोहदूरे, नरेश, शंकर सोनवणे, चेतन भोयर, नानाजी भोयर, सुशांत मोहदूरे आदि उपस्थित थे।