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बीजेपी के साथ ही रहेंगे आठवले, खोत, जानकार बोले-एनसीपी-कांग्रेस धोखेबाज

बीजेपी के साथ ही रहेंगे आठवले, खोत, जानकार बोले-एनसीपी-कांग्रेस धोखेबाज

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुख्यमंत्री की कुर्सी की लड़ाई में भाजपा-शिवसेना महायुति में भले ही फुट पड़ गई, लेकिन महायुति के छोटे घटक दल भाजपा के साथ बने रहेंगे। भाजपा की सहयोगी राष्ट्रीय समाज पक्ष के मुखिया व प्रदेश के पशुपालन मंत्री महादेव जानकर ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में कहा कि हम भाजपा के साथ ही रहेंगे। जानकर ने कहा कि भाजपा भले विधानसभा में विपक्ष में बैठे पर हम पार्टी का साथ नहीं छोड़ेंगे। क्योंकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी धोखेबाज है।

जानकर ने कहा कि शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद को लेकर अलग जाने का फैसला नहीं करना चाहिए था। हर घर में बड़े भाई और छोटे भाई में झगड़ा होता रहता है। उद्धव को बड़े भाई भाजपा के साथ रहना चाहिए था। वहीं रयत क्रांति संगठन के प्रमुख व प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री सदाभाऊ खोत ने कहा कि हमारा दल किसानों का है। रयत क्रांति संगठन भाजपा का साथ नहीं छोड़ेगा। क्योंकि भाजपा ने ही हमें सरकार में शामिल कर पद और सम्मान दिया। जबकि आरपीआई के अध्यक्ष व केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले भी भाजपा के साथ रहेंगे। उन्होंने भाजपा को साढ़े तीन साल और शिवसेना को डेढ़ साल मुख्यमंत्री पद देने का फार्मूला दिया है।

ज्यादा समय नहीं चलेगी यह सरकार: आठवले

आठवले ने कहा कि शिवसेना की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के साथ गठबंधन की सरकार ज्यादा समय तक नहीं चल सकेगी। इसलिए शिवसेना को भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनानी चाहिए। हालांकि शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए विपक्षी दलों के साथ कदम आगे बढ़ा लिया है। इसलिए आठवले का फार्मूला लागू होना संभव नहीं है। वहीं शिव संग्राम के प्रमुख विनायक मेटे की भूमिका अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना महायुति ने मिलकर चुनाव लड़ा था। भाजपा ने अपने चार सहयोगी दलों को 16 सीटें दी थी। हालांकि इसमें से अधिकांश सीटों पर भाजपा ने अपने पार्टी के नेताओं को ही उम्मीदवारी दी थी। 
 

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