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2007 से ही एक्सिस बैंक में खुला है पुलिसकर्मियों का खाता- आरटीआई

2007 से ही एक्सिस बैंक में खुला है पुलिसकर्मियों का खाता- आरटीआई

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पुलिसकर्मियों वेतन खाता एक्सिस बैंक में खोले जाने को लेकर विपक्ष मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निशाना बनाता रहा है। क्योंकि उनकी पत्नी अमृता एक्सिस बैंक में बतौर अधिकारी कार्यरत हैं। लेकिन सूचना अधिकार कानून (आरटीआई) से मिली जानकारी के अनुसार पुलिसकर्मियों का सेलरी एकाउंट 2007 से ही एक्सिस बैंक (तब यूटीआई बैंक) में है, जब राज्य में कांग्रेस-राकांपा की सरकार थी। 

विपक्ष मुख्यमंत्री की पत्नी पर साधता रहा है निशाना 

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने महाराष्ट्र पुलिस से 30 अगस्त 2019 को आवेदन कर पुलिस का वेतन जिन बैंक में शुरु करने की अनुमति दी हैं उसकी जानकारी मांगी थी। महाराष्ट्र पुलिस के पुलिस महानिदेशक कार्यालय के कार्यालय अधीक्षक अनिल सावंत ने अनिल गलगली को बताया कि महाराष्ट्र सरकार के शासन निर्णय 29 अगस्त 2005 के अनुसार संपूर्ण राज्य में सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों का मासिक वेतन बैंक के जरिए अदा करने की कार्यपद्धती निश्चित की गई हैष इसके लिए कुल 14 राष्ट्रीयकृत बैंक और निजी बैंक से सरकार ने करार किया था।

सरकारी निर्णय के अनुसार अधिकारी और कर्मचारी की पसंद के मुताबिक 14 बैंक से किसी भी बैंक की शाखा में वेतन खाता शुरु करने की सूचना दी गई थी। इन 14 बैंक में एक्सिस बैंक (तब यूटीआय बैंक) का समावेश है। इसी शासन निर्णय के अनुसार महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन अदा करने के लिए वर्ष 2007 से एक्सिस बैंक में खाता खोला गया था। गलगली ने यह भी पूछा था कि क्या एक्सिस बैंक में वेतन खाता खोले जाने को लेकर पुलिस विभाग के किसी अधिकारी-कर्माचारी ने कोई शिकायक की है? इस बारे में बताया गया कि उनके कार्यालय को ऐसी कोई शिकायत या सूचना प्राप्त नहीं हुई है। 

 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।