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एनसीपी के बालासाहब सानप शिवसेना में शामिल, बच्चू कडू की पार्टी के 2 विधायकों का भी समर्थन 

एनसीपी के बालासाहब सानप शिवसेना में शामिल, बच्चू कडू की पार्टी के 2 विधायकों का भी समर्थन 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर नाशिक पूर्व सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले बालासाहब सानप ने शिवसेना में प्रवेश किया है। रविवार को मातोश्री में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में सानप ने पार्टी में प्रवेश किया। साल 2014 से भाजपा के विधायक रहे सानप ने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी से उम्मीदवारी नहीं मिलने के बाद 4 अक्टूबर को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सापन ने भाजपा को छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में प्रवेश किया था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सानप को विधानसभा की उम्मीदवारी दी थी लेकिन चुनाव में सानप को हार का सामना करना पड़ा। सानप को भाजपा के उम्मीदवार राहुल ढिकले ने हराया है। चुनाव में मिली हार के बाद सानप ने पाल बदलते हुए अब शिवसेना में अब प्रवेश किया है। पत्रकारों से बातचीत में सानप ने कहा कि भाजपा से टिकट कटने के बाद मैं शिवसेना की उम्मीदवारी चाह रहा था लेकिन भाजपा और शिवसेना की युति होने के कारण मुझे टिकट नहीं मिल सका। इसलिए मैंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा। पर मुझे चुनाव में सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद मैंने अब उद्धव के नेतृत्व में काम करने का फैसला किया है।

शिवसेना को बच्चू कडू की पार्टी के 2 विधायकों का समर्थन 

अमरावती के विधायक बच्चू कडू के नेतृत्व वाले प्रहार जनशक्ति पक्ष ने शिवसेना को समर्थन दिया है। राज्य विधानसभा चुनाव में प्रहार जनशक्ति पक्ष को 2 सीटों पर जीत मिली है। अमरावती की अचलपुर सीट पर कडू और मेलघाट सीट से राजकुमार पटेल चुनाव जीते हैं। मातोश्री में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में कडू ने पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया। कडू के समर्थन के बाद अब विधानसभा में शिवसेना के समर्थक विधायकों की संख्या 56 से बढ़कर 60 हो गई है। नागपुर की रामटेक सीट से निर्दलीय विधायक प्रदीप जैसवाल और भंडारा के निर्दलीय विधायक नरेंद्र भोंडेकर भी शिवसेना को समर्थन दे चुके हैं। शिवसेना के समर्थन देने पर कडू ने कहा कि अचलपुर और मेलघाट विधानसभा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण समस्याएं हैं। मेलघाट में स्थालंतर, रोजगार और वनक्षेत्र से जुड़ी समस्याओं पर उद्धव से चर्चा हुई है। उद्धव को विभिन्न समस्याओं का लिखित रूप में पत्र दिया गया। उन्होंने हमसे सभी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की। इसके बाद हमने शिवसेना को समर्थन देने का फैसला किया है। शिवसेना के सांसद संजय राऊत ने कहा कि निर्दलीय विधायकों के अलावा पार्टी को कई छोटे दलों के विधायकों का समर्थन मिलेगा। राऊत ने कहा कि आने वाले समय में और विधायक मातोश्री में नजर आएंगे। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।