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मनरेगा के तहत किए गए कार्यों में भंडारा पहले और दूसरे स्थान पर रहा अमरावती 

मनरेगा के तहत किए गए कार्यों में भंडारा पहले और दूसरे स्थान पर रहा अमरावती 

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते लागू किए लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र में मनरेगा के तहत किए गए कार्यों में भंडारा जिला पहले जबकि अमरावती जिला दूसरे स्थान पर रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार तालाबंदी के दौरान भंडारा जिले में 1.2 लाख और अमरावती जिले में 86 हजार से अधिक लोगों को मनरेगा के तहत काम दिया गया है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक भंडारा जिला परिषद द्वारा लॉकडाउन की शुरुआत से 28 मई, 2020 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 1,23,307 लोगों को रोजगार प्रदान किया गया। जिले की लगभग 541 ग्राम पंचायतें इस काम में शामिल थी। वहीं अमरावती जिले में भी लॉकडाउन के दौरान 28 मई 2020 तक जिले के 690 गांवों में निष्पादित 3,120 कार्यो के माध्यम से 86,993 लोगों को काम प्रदान किया गया। अमरावती जिले के मेलघाट के दूरदराज और जनजातिय क्षेत्रों में मनरेगा के कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। मंत्रालय का कहना है कि सरकार ने मनरेगा के वेतन में 20 रुपये की वृद्धि करने के कारण तालाबंदी के दौरान भी मनरेगा कार्यों के लिए बड़ी संख्या में श्रमिक उपलब्ध हो सके।

केन्द्र सरकार की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत गांव में रहने वालों को घर के पास ही साल में 100 दिन का रोजगार मुहैया कराने का प्रावधान है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा है कि भंडारा और अमरावती जिले में लॉकडाउन की शुरुआत से यानी 24 मार्च से 28 मई तक लोगों को रोजगार दिया गया है। जबकि 24 मार्च से 20 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की वजह से मनरेगा काम पर पाबंदी लगी थी और 21 अप्रैल से दोबारा से मनरेगा में काम शुरु करने की छूट दे दी गई। ऐसे में एक महीने में ही इन जिलों में लॉकडाउन के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार यह बड़ी उपलब्धी मानी जानी चाहिए।

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