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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से राज्यसभा के सेवानिवृत्त होने वाले 11 सदस्यों की खाली सीटों को भरने के लिए राज्यों की परिषद के द्विवार्षिक चुनाव

October 13th, 2020 16:32 IST
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से राज्यसभा के सेवानिवृत्त होने वाले 11 सदस्यों की खाली सीटों को भरने के लिए राज्यों की परिषद के द्विवार्षिक चुनाव

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। निम्नलिखित दो राज्यों से चुने गए राज्यसभा के 11 सदस्यों का कार्यकाल नवंबर, 2020 में उनके सेवानिवृत्त होने पर समाप्त होने वाला है। संबंधित विवरण इस प्रकार हैं- क्र.स. राज्य का नाम सदस्य का नाम सेवानिवृत्ति की तिथि उत्तर प्रदेश डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव 25.11.2020 जावेद अली खान अरुण सिंह नीरज शेखर पी.एल. पुनिया हरदीप सिंह पुरी रवि प्रकाश वर्मा राजाराम रामगोपाल यादव वीर सिंह उत्तराखंड राज बब्बर आयोग ने निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार उपरोक्त रिक्तियां भरने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों की परिषद के द्विवार्षिक चुनाव आयोजित करने का निर्णय लिया हैं- क्र.स. कार्यक्रम दिनांक एवं दिन 1 अधिसूचना जारी करने की तिथि 20 अक्टूबर, 2020 (मंगलवार) 2 नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 27अक्टूबर, 2020 (मंगलवार) 3 नामांकनों की जांच 28अक्टूबर, 2020 (बुधवार) 4 उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 02 नवंबर, 2020 (सोमवार) 5 मतदान की तिथि 09नवंबर, 2020 (सोमवार) 6 मतदान का समय प्रातः 09:00 से शाम 04:00 बजे तक 7 मतों की गिनती 09नवंबर, 2020 (सोमवार) शाम 05:00 बजे तक 8 तिथि जिससे पहले चुनाव संपन्न होगा 11नवंबर, 2020 (बुधवार) आयोग ने यह निर्देश दिया है कि मतदान पत्र पर अपनी पसंद की मार्किंग करने के लिए केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराए गए, पूर्व निर्धारित विनिर्देश वाले एकीकृत वायलट कलर के स्कैच पेन का ही उपयोग किया जाएगा। किसी भी हालत में उपरोक्त चुनाव में किसी दूसरे पेन का उपयोग नहीं किया जाएगा। आयोग ने संबंधित मुख्य सचिवों को यह निर्देश दिया है कि चुनाव आयोजित करने की व्यवस्था करते समय कोविड-19 के रोकथाम उपायों के संबंध में दिए गए अनुदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त किया जाए। पूरी चुनाव प्रक्रियाओं के दौरान सभी व्यक्तियों द्वारा व्यापक दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाए- प्रत्येक व्यक्ति चुनाव से संबंधित हर गतिविधि के दौरान फेस मास्क पहनेगा चुनाव परियोजनों के लिए हॉल/कक्ष/परिसरों में प्रवेश करते समय- सभी व्यक्तियों की थर्मल स्केनिंग की जाएगी सभी स्थानों पर सेनेटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा राज्य सरकार और गृह मंत्रालय के कोविड-19 दिशा-निर्देशों के अनुसार सामाजिक दूरी का अनुपालन किया जाएगा। कोविड-19 के दौरान चुनाव आयोजित कराने के लिए व्यापक दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा। आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देश लिंक:- https://eci.gov.in/files/file/12167-broad-guidelines-for-conduct-of-general-electionbye-election-during-covid-19/ पर देखे। इसके अलावा आयोग ने संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संबंधित राज्यों में पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।