दैनिक भास्कर हिंदी: पॉलिटिक्स ऑफ परफार्मेंस की राजनीति करती रही है भाजपा -सहस्त्रबुद्धे

September 20th, 2019

डिजिटल डेस्क,नागपुर। भाजपा के उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने कहा है कि उनकी पार्टी पॉलिटिक्स आफ परफार्मेंस की राजनीति करती है। शिवसेना के प्रादेशिक अस्मिता के मुद्दे पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा है कि प्रादेशिक अस्मिता व सामाजिक पहचान के मुद्दे तो हैं, लेकिन प्रदर्शन की राजनीति सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्र सरकार के 100 दिनों के कामकाज के आधार पर मतदाताओं के पास जाएगी। राज्य सरकार के कार्यों का भी लेखा- जोखा रखा जाएगा। गुरुवार को पत्रकार वार्ता में श्री सहस्रबुद्धे ने केंद्र सरकार की नीति व निर्णयों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सौ दिनों में केंद्र ने धारा 370 के अनुबंधों को हटाने का असंभव सा काम किया है। देश में समान नागरिक कानून बनाना पार्टी के एजेंडे में है।  ट्रिपल तालाक पर रोक इसी दिशा में एक कदम है।

कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय नहीं होगा

अन्य दल के नेताओं के भाजपा में शामिल होने के प्रश्न पर कहा कि पार्टी में हो रही ‘इनकमिंग’ से मूल कार्यकर्ताओं पर अन्याय नहीं होगा।  भाजपा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है।  पार्टी में आने के लिए कोई परीक्षा नहीं देनी पड़ती है।  भाजपा एक जीवंत दल है। अन्य दलों में पार्टी के प्रति आकर्षण है।   बाहर से आए लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जाएगा।

आरक्षण से आघात नहीं 

सेव मेरिट, सेव नेशन अभियान  से भाजपा पर भविष्य में अड़चन होने के संदर्भ में पूछे गए प्रश्न पर कहा कि आरक्षण के कारण  ‘मेरिट’ पर कोई आघात नहीं हो रहा है।  आरक्षित वर्ग के प्रतिभावानों को ‘मेरिट’ के आधार पर ही मौका मिलता है।

भ्रांतियां दूर होंगी 

सहस्रबुद्धे आईसीसीआर यानी इंडियन कौंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन्स के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि कई देशों में भारत के प्रति भ्रांतियां हैं।  लोगों के मन को बदलने के लिए पाठ्यक्रम तय किया है।  संस्कृति, नृत्यकला, गायन, हस्तकला, पाक कला की जानकारी दी जा रही है। 

सावजी भोजन को प्रोत्साहित करेंगे

उन्होंने नागपुर के सावजी भोजन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। भारत की सौम्य शक्ति से विश्व को परिचित कराया जाएगा।  नई सरकार ने आईसीसीआर के केंद्रों में निदेशक नियुक्त किए।  यह पद कई वर्षों से रिक्त थे, विदेशी छात्रों को भारत में आकर्षित करने की पहल भी आरंभ हुई है।  जल्द ही पुणे में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। विधान परिषद सदस्य गिरीश व्यास, विधायक कृष्णा खोपड़े, महापौर नंदा जिचकार, हज कमेटी के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी, अर्चना डेहनकर, चंदन गोस्वामी उपस्थित थे। 

वोट बैंक की राजनीति से मुक्त हुई देश नीति

सहस्रबुद्धे ने कहा है कि पहले विदेश नीति वोट बैंक की राजनीति से प्रभावित थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण विदेश नीति वोट बैंक की राजनीति से मुक्त हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक लोगों को राष्ट्रव्यापी सोच के साथ काम करना होगा। गुरुवार को दैनिक भास्कर के संपादकीय सहयोगियों से वे चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में चुनावी राजनीति को कम करने की दिशा में भी सोचने की आवश्यकता है। भाजपा ने चुनावी राजनीति कम करने के लिए ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात रखी है। विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिखरा ही नहीं, इच्छाहीन भी है। भाजपा का आत्मविश्वास भरपूर है। विपक्ष पर्याय देने की स्थिति में नहीं है। शिवसेना से गठबंधन के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इस मामले में वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील की बात का समर्थन करते हैं। बदली हुई राजनीतिक स्थिति का आकलन मित्रदल भी करेंगे।

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