दैनिक भास्कर हिंदी: मुश्रीफ बोले - पवार पर टिप्पणी के लिए माफी मांगे भाजपा नेता , नहीं मांगी तो बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी

April 2nd, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के पेट दर्द की बीमारी को लेकर दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल द्वारा की गई टिप्पणी के लिए भाजपा से माफी मांगने की मांग की है। शुक्रवार को कोल्हापुर में मुश्रीफ ने कहा कि यदि भाजपा ने तीन दिनों में जिंदल के बयान पर माफी नहीं मांगी तो बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। मुश्रीफ ने कहा कि जिंदल ने पवार की बीमारी को मुंबई पुलिस के निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे के मामले से जोड़ा है। उनका बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं उनके बयान की निंदा करता हूं। मुश्रीफ ने कहा कि जिंदल की टिप्पणी पर भाजपा के किसी नेता ने संज्ञान लेकर खेद प्रकट नहीं किया है। मैं समझ सकता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसी महिला के पीछे पड़े हैं। दोनों को शायद समय नहीं मिला होगा, लेकिन विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस को ध्यान देना चाहिए था। मेरा फडणवीस से कहना है कि यदि भाजपा ने खेद प्रकट नहीं किया तो विपक्ष के नेताओं को राकांपा के बड़े रोष का सामना करना पड़ेगा। 

इससे पहले 29 मार्च को दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल ने ट्वीट करके कहा था कि ‘एंटीलिया मामले के आरोपी निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे ने जांच एजेंसी एनआईए के सामने ऐसा क्या खुलासा कर दिया कि पवार को अचानक इतना तेज पेट दर्द हुआ और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। ऐसा लग रहा है कि दाल में कुछ कला नहीं बल्कि पूरी की पूरी दाल ही काली है।’ जिंदल ने कहा कि पवार के पेट में अचानक दर्द होने की खबर से ऐसा क्यों लग रहा है कि बंगाल से पहले खेला महाराष्ट्र में होने वाला है। 

परमबीर सिंह भाजपा के डार्लिंग

मुश्रीफ ने प्रदेश के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ 100 करोड़ रुपए के वसूली को लेकर लगाए गए आरोप मामले में बाम्बे हाईकोर्ट द्वारा मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को लगाई गई फटकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि परमबीर सिंह भाजपा के डार्लिंग हो गए हैं। एंटीलिया मामले में उन्हें बचाने की कोशिश हो रही है। मुश्रीफ ने कहा कि सिंह ने ही निलंबित पुलिस अधिकारी वाझे की दोबारा बहाली की थी। उद्योगपति टाटा और बिरला के पास जितनी गाड़ियां नहीं होंगी उतनी गाड़ियां लेकर वाझे घूम रहा था। यह बात क्या सिंह को मालूम नहीं थी? मामले की जांच कर रहीएनआईए ने सिंह को अभी तक पूछताछ के लिए भी नहीं बुलाया है।

 

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