comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

बहन के साथ धोखाधड़ी, 30 लाख हड़पने बनाए फर्जी प्रमाणपत्र  

बहन के साथ धोखाधड़ी, 30 लाख हड़पने बनाए फर्जी प्रमाणपत्र  

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  बैंक अधिकारी की मिलीभगत से भाई ने ही बहन को धोखा देकर लाखों रुपए का गबन किया है। अदालत के आदेश पर सीताबर्डी थाने में भाई और बैंक प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। 

सुनियोजित तरीके से बन गया वारिस
पीड़िता माधुरी रमेश चिमुरकर (65) वर्धा जिले के शास्त्री चौक निवासी है, जबकि आरोपी माधुरी का छोटा भाई पदमाकर तेजराम कुकडे (42) राकेश ले-आउट बेलतरोड़ी निवासी और बैंक प्रबंधक दिलीप कुमार मेघलानी (48) है। बताया जा रहा है कि वर्षों पहले माधुरी और पदमाकर के पिता तेजराम ने खुद के नाम पर 28 से 30 लाख रुपए रामदासपेठ स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में फिक्स डिपॉजिट किए थे। इस बीच गत वर्ष तेजराम का देहांत हो गया।

तेजराम के देहांत से उनकी चल-अचल संपत्ति पर माधुरी और पदमाकर का अधिकार है। इसके बावजूद पदमाकर ने सुनियोजित तरीके से वारिस के तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र और मृत्यु पत्र बैंक प्रबंधक दिलीप को दिया। इन प्रमाणपत्रों की जांच-पड़ताल करने की बजाय दिलीप ने उस पर विश्वास िकया और फिक्स डिपॉजिट की नकदी पदमाकर के सुपुर्द कर दी, जबकि इस नकदी में वारिस के तौर पर बराबरी का माधुरी भी अधिकारी है। 

पुलिस ने खड़े किए हाथ
प्रकरण में माधुरी के साथ उसके भाई ने ही धोखाधड़ी की है। यह बात ध्यान आने से उसने भाई पदमाकर और बैंक प्रबंधक दिलीप से सवाल-जवाब किया। भाई ने रकम का गबन कर चुप्पी साध ली, लेकिन बैंक प्रबंधक ने भी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ दिया। इसके बाद माधुरी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करनी चाही। मामला लेन-देन से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने भी कार्रवाई करने से हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद माधुरी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। प्रकरण की गंभीरता से अदालत ने भाई और बैंक प्रबंधक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर इसकी जांच करने के आदेश पुलिस को दिया, जिससे बर्डी थाने में शनिवार को प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी है। 

कमेंट करें
fs4WE
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।