रात में तेज बमबारी: कीव में बसे शहर के कारोबारी ने बताई आपबीती, यूक्रेन से आए 2 विद्यार्थी

March 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राम डांगे 28 साल पहले पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए। पढ़ाई पूरी करने के बाद वहीं शादी की आैर परिवार समेत यूक्रेन की राजधानी कीव में बस गए। इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के कारोबारी राम डांगे के जीवन में फिलहाल असामान्य व असहज स्थिति निर्माण हो गई है। रूस व यूक्रेन के बीच जारी जंग के कारण उन्हें परिवार समेत घर के बेसमेंट में ही रहना पड़ रहा है। राम अपनी पत्नी, दो बेटियों, पड़ोसियों व रिश्तेदारों के साथ पिछले चार दिन से बेसमेंट में ही रह रहे हैं। सोमवार को कीव में कुछ समय के लिए कर्फ्यू हटा तो खाने-पीने का सामान खरीदा। खान-पान की चीजों की काफी किल्लत हो गई है। यूक्रेन से राम डांगे ने बताया कि दिन की तुलना में रात को बमबारी ज्यादा होती है। इसलिए रात को सभी लोग बेसमेंट में ही सोते हैं। रूस की सेना कीव शहर के आसपास पहुंच गई है, लेकिन अभी तक कीव के अंदर बहुत ज्यादा हलचल नहीं हुई है। यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई से सिविलियन का मनोबल ऊंचा हुआ है। 

ऋषिल आज पहुंचेगा मुंबई

नागपुर का ऋषिल मिर्जापुरे सोमवार को यूक्रेन से सीमा पार करके रोमानिया पहुंचा। वह मंगलवार 1 मार्च को मुंबई एयरपोर्ट पहुंचेगा। वहां से नागपुर आएगा। यह जानकारी जिला प्रशासन की तरफ से दी गई है। नागपुर का ऋषिल यूक्रेन में पढ़ाई करने के लिए गया था। यूक्रेन-रशिया के बीच जारी युद्ध के कारण वह यूक्रेन में फंस गया था। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोमवार को किसी विद्यार्थी के पालक ने जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क नहीं किया। फिलहाल जिले के 35 विद्यार्थियों के ही यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी है। 

चेहरे पर खुशी... यूक्रेन से पहुंचे 2 विद्यार्थी

यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा ऑपरेशन गंगा अभियान के तहत स्वदेश लाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार की रात दो विद्यार्थी गोंदिया के कामठा निवासी भाग्यश्री धनराज कापसे व भवानीनगर नागपुर निवासी स्वप्निल टीकाराम देवगड़े नागपुर पहुंचे। भाग्यश्री ने बताया कि वह रविवार की सुबह तकरीबन 10 बजे दिल्ली विमानतल पर पहुंची, जहां से उसे मुंबई लाया गया। फिर मुंबई से नागपुर पहुंची है। भाग्यश्री ने यूक्रेन की उजुग्रो यूनिवर्सिटी में मेडिकल में दाखिला लिया है। वह होस्टल में रह रही थी। भारतीय दूतावास द्वारा उन्हें यूक्रेन छोड़ने की हिदायत दी गई थी। हमले से बचने के लिए बस में तिरंगा लगाने की भी हिदायत दी गई थी। इसी तरह स्वप्निल भी विमान द्वारा भारत लाया गया। वह एक माह पूर्व ही यूक्रेन गया था।