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लॉकडाउन में अटके नामांतरण-बँटवारा के मामले - 7 हजार के पार पहुँचा आँकड़ा

लॉकडाउन में अटके नामांतरण-बँटवारा के मामले - 7 हजार के पार पहुँचा आँकड़ा

अब शिविर लगाकर भी लिए जा रहे आवेदन, ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों को निपटाने के आदेश
डिजिटल डेस्क जबलपुर । 
लॉकडाउन के कारण राजस्व के मामले अटक गये हैं। पेंडेंसी बढ़कर 7 हजार के पार पहुँच गई है। इस दौरान आवेदन भी जमा नहीं हो रहे थे,  जिसके कारण यह आँकड़ा अभी कम है, लेकिन अब दफ्तर खुल गये हैं और काम भी पहले की तरह ही होने लगा है जिसके बाद कलेक्टर भरत यादव ने सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को नामांतरण, बँटवारा सहित सीमांकन के जो भी प्रकरण हैं उनके निराकरण के आदेश दिये हैं। सभी तहसील कार्यालयों में शिविर लगाये जा रहे हैं और ऑनलाइन भी आवेदन लिये जा रहे हैं, ताकि जो भी प्रकरण हैं उनका निराकरण हो सके और लोगों को परेशानी न हो। 
तहसील कार्यालयों में सबसे ज्यादा जमीनों के प्रकरण पहुँचते हैं और इनके निराकरण न होने से लगातार ये बढ़ते जा रहे हैं। जिले में नामांतरण और बँटवारा के प्रकरण 7 हजार से ज्यादा हो गये हैं। दो महीने से ज्यादा चले लॉकडाउन में लोगों के आवेदन तो नहीं पहुँचे, लेकिन पुराने मामले भी बहुत ज्यादा पेंडिंग हैं। जिले में नामांतरण के 6756 प्रकरण पहुँचे हैं जिनमें से कुछ कानिराकरण हुआ है। वहीं मझौली और केंट तहसील ऐसी हैं जहाँ प्रकरणों की संख्या अधिक है। इसी तरह जमीनों के बँटवारा के 661 प्रकरण हैं जिनमें मझौली-सिहोरा में प्रकरण हैं। 
सीमांकन के 8 सौ से ज्यादा आवेदन
जमीनों के सीमांकन के वर्तमान में 8 सौ से ज्यादा आवेदन पहुँचे हैं। हालाँकि सीमांकन का काम 15 जून तक किया जाता था। अब लेकिन टीएसएम मशीन से सीमांकन होता है, इसलिये बारिश के दौरान भी कोई दिक्कत नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों का िनराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। 
इनका कहना है
नामांतरण और बँटवारा के आवेदन ऑनलाइन लिये जा रहे हैं और इसके बाद इन प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जायेगा। लॉकडाउन के कारण प्रकरणों की संख्या बढ़ गई है। वहीं सीमांकन भी ज्यादा से ज्यादा किये जाएँगे। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिये गये हैं कि वे अब समय सीमा में प्रकरणों का निराकरण करें।   

 -भरत यादव, कलेक्टर   
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।