दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने देशमुख के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया मामला, दायर याचिका

May 5th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि सीबीआई ने राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ शिवसेना की अगुवाई में बनी सरकार को अस्थिर करने के इरादे से दर्ज की है। याचिका में राज्य सरकार ने सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के कुछ हिस्से पर आपत्ति जताई है। याचिका में सरकार ने कोर्ट से आग्रह किया है कि सीबीआई को एफआईआर का वह हिस्सा हटाने का निर्देश दिया जाए। जिस पर राज्य सरकार को आपत्ति है। याचिका में दावा किया गया है कि सीबीआई ने अपनी एफआईआर में पिछले साल के मुद्दे को भी शामिल किया है। जिसमें निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की सेवा बहाली व कई पुलिस अधिकारियों के तबादले के विषय को समावेश है। यह विषय पूर्व मंत्री देशमुख के खिलाफ की गई शिकायत का हिस्सा नहीं था। देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह व अधिवक्ता जयश्री पाटिल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने सीबीआई को मामले की प्रारंभिक जांच कर मामले में उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। याचिका में राज्य सरकार ने कहा है कि अधिवक्ता पाटिल की शिकायत में वाझे की सेवा बहाली व पुलिस अधिकारियों के तबादले का जिक्र नहीं था। इसलिए सीबीआई को वाझे के मामले को एफआईआर में नहीं शामिल करना चाहिए था। 

याचिका में दावा किया है कि सीबीआई की एफआईआर हाईकोर्ट द्वारा दी गई अनुमति की सीमा के बाहर जा रही हैं। सीबीआई इस मामले में अनुमान व अटकलों पर आधारित राज्य सरकार के प्रशासन की जांच करना चाहती है। जिसका उद्देश्य जो राजनीति समूह राज्य की सत्ता में नहीं है उनके लिए राज्य की सरकार को अस्थिर करना है। याचिका में राज्य सरकार ने कहा है कि हम सीबीआई की जांच में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं लेकिन सीबीआई की एफआईआर से उस हिस्से को हटाया जाए जो हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप नहीं है। क्योंकि इस मामले में पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग व ट्रांसफर जांच का विषय नहीं हो सकता है। सीबीआई ने इस प्रकरण को लेकर भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी व भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। 

 

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