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स्ट्रांग रूम से मतगणना स्थल तक लगे हैं सीसीटीवी, तगड़ा पुलिस बंदोबस्त

October 22nd, 2019 21:11 IST
स्ट्रांग रूम से मतगणना स्थल तक लगे हैं सीसीटीवी, तगड़ा पुलिस बंदोबस्त

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ईवीएम जहां रखी है, उस परिसर में सीसीटीवी लगे हैं। स्ट्रांग रुम परिसर से लेकर मतगणना स्थल तक सीसीटीवी लगे है। स्ट्रांग रुम परिसर का सुरक्षा घेरा तीन चरणों तैनात है। पहले घेरे की सुरक्षा केंद्रीय बल, दूसरे घेरे की सुरक्षा राज्य आरक्षी बल व तीसरे घेरे की सुरक्षा स्थानीय पुलिस के हवाले है। परिंदा भी पर न मार सके, ऐसी चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिलाधीश व जिला निर्वाचन निर्णय अधिकारी रवींद्र ठाकरे ने स्पष्ट किया कि स्ट्रांग रुम परिसर में इंटरनेट बैन करने का अधिकार जिला प्रशासन को नहीं है। इससंबंध में िनवेदन आए, लेकिन यह विषय चुनाव आयोग के कार्यक्षेत्र में आता है।

यहां होगी मतगणना

दक्षिण - सांस्कृतिक बचत भवन सीताबर्डी
उत्तर -  सेंट उर्सूला गर्ल्स स्कूल
पूर्व-    ईश्वर देशमुख शारिरीक महाविद्यालय
मध्य- जिला परिषद स्कूल काटोल रोड
द-पश्चिम- मुंडले पब्लिक स्कूल दीक्षाभूमि
पश्चिम - एसएफएस कालेज सेमीनरी हिल्स
हिंगणा - तहसील आफिस हिंगणा
काटोल- तहसील आफिस प्रशासनिक इमारत काटोल
सावनेर-सरकारी आईटीआई सावनेर
कामठी- दिल्ली पब्लिक स्कूल खैरी, कामठी
उमरेड- सरकारी आईटीआई उमरेड
रामटेक- सरकारी आईटीआई रामटेक

प्रशिक्षण

जिला निर्वाचन अधिकारी ठाकरे ने बताया कि 24 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू होगी। मतगणना स्थल पर कहीं 14 टेबल तो कहीं 20 टेबल लगाए जाएंगे। मतगणना के पहले जरूरी प्रशिक्षण दिया जाता है। मतगणना से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को बुधवार 23 अक्टूबर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर विधानसभा क्षेत्र में 5 ईवीएम व कंट्रोल यूनिट की गणना होगी। इसकी गिनती मतगणना समाप्त होने के बाद होगी। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।