दैनिक भास्कर हिंदी: चंद्रकांत पाटिल ने कहा- उद्धव के एमएलसी बनने में संवैधानिक पेंच

April 10th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद के लिए मनोनीत करने राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने कहा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को राज्यपाल मनोनित नहीं कर सकते। पाटील ने कहा कि राज्यपाल कोटे की इस सीट का कार्यकाल 6 जून 2020 को खत्म हो रहा है। जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 151 ए के उपनियम (ए) के अनुसार यदि एक साल से कम अवधि है तो रिक्त सीट पर उपचुनाव नहीं हो सकता है। पाटील ने कहा कि पिछले दिसंबर महीने में भी राकांपा के दो उम्मीदवारों का प्रस्ताव राज्यपाल के पास मनोनित करने के लिए भेजा गया था लेकिन राज्यपाल ने उक्त नियमों के आधार पर ही मंजूरी नहीं दी थी। 

राज्यपाल के विवेक पर निर्भर

वहीं विधानमंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आमतौर पर राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश को राज्यपाल मंजूरी दे देते हैं। उद्धव के नाम की सिफारश को मंजूर करना है या नही यह राज्यपाल के विवेक पर निर्भर है। अगर वह राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश को मंजूर नहीं करते हैं तो कानूनी पेंच पैदा हो सकता है। अधिकारी ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि राज्यपाल कोटे की रिक्त सीट पर दोबारा चुनाव नहीं हो सकता है। 

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