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नई पीढ़ी की बदल रही मानसिकता, अब ज्ञान और सेवाभाव का सत्कार

नई पीढ़ी की बदल रही मानसिकता, अब ज्ञान और सेवाभाव का सत्कार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ज्ञान का जन्म कहीं भी हो सकता है, इसके लिए पोषक वातावरण होना आवश्यक है। यहां किसी का स्त्री का सत्कार नहीं, बल्कि ज्ञान, प्रज्ञान और सेवाभाव का सत्कार है। नई पीढ़ी की मानसिकता बदल रही है। यह बात वरिष्ठ पत्रकार सुरेश द्वादशीवार ने कही। अवसर यशवंतराव चव्हाण विभागीय केंद्र की ओर से ‘कौन बनेगा करोड़पति’ कार्यक्रम में 1 करोड़ रुपए की इनाम राशि जीतने वाली बबीता सुभाष ताडे के सम्मान समारोह का था। कार्यक्रम का आयोजन श्रीमंत बाबूराव धनवटे सभागृह में आयोजित किया गया। मंच पर कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के कुलपति अध्यक्ष डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा, दत्ता मेघे ग्रुप ऑफ स्कूल की संचालिका आभा मेघे, यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डा. गिरीश गांधी, सत्कार मूर्ति बबीता सुभाष ताडे उपस्थित थे। बबीता ताडे का सम्मान अतिथियों द्वारा शॉल-श्रीफल व पुष्पगुच्छ देकर किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लीना निकम ने किया।

सावित्री पुत्री का सत्कार

कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह सत्कार देश की आधुनिक सावित्री पुत्री का है। यह सत्कार उपेक्षाओं की मुक्ति का सत्कार है। उन्होंने बबीता ताडे का अभिनंदन किया और भविष्य में आगे बढ़ने की कामना की। प्रमुख अतिथि आभा मेघे ने नवरात्रि के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में देवी के नौ रूपों का वर्णन करते हुए कहा कि अगर महिला मन में कुछ करने की ठान लें तो वह असफल नहीं हो सकती। बबीता के साथ ही उनके पति सुभाष का भी अभिनंदन किया जिन्होंने निरंतर बबीता को आगे बढ़ने में मदद की।

400 बच्चों की खुशी मेरे लिए महत्वपूर्ण है

मिड डे मील बनाकर 1500 रुपए कमाने वाली खिचड़ी काकू' ने न सिर्फ अपने ख्वाबों को पूरा किया है, बल्कि यह साबित कर दिया है कि अगर जज्बा अौर इच्छाशक्ति हो तो कोई भी काम असंभव नहीं है। उन्होंने सवालों के बड़े सुलझे हुए जवाब दिए। बबीता ताडे ने एक करोड़ रुपए जीते हैं। अपना मनोगत व्यक्त करते हुए बबीता ताडे ने जीवन के संघर्षों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मैं 1 करोड़ रुपए जीत गई हूं, लेकिन अभी भी में बच्चों के लिए खिचड़ी बनाऊंगी। मेरे लिए 1 करोड़ रुपए से ज्यादा 400 बच्चों की खुशी मेरे लिए महत्वपूर्ण है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।