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फिर ऑनलाइन ठगी , 13 लाख पाने के चक्कर में 3 लाख गंवाए

फिर ऑनलाइन ठगी , 13 लाख पाने के चक्कर में 3 लाख गंवाए

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  होम शॉपी से 12 लाख 80 हजार रुपए का इनाम लगने का झांसा देकर एक महिला को महिला आरोपी ने ही 2 लाख 59 हजार रुपए का चूना लगा दिया। पीड़ित 53 वर्षीय महिला की शिकायत पर वाठोड़ा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्लाट नं.-5 सेनापति नगर, उमरेड रोड, दिघोरी निवासी प्रणयप्रभा प्रकाश दुरूगकर (53) ने वाठाेड़ा थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। 

गिफ्ट कूपन का दिया झांसा
उन्होंने पुलिस को बताया कि, 23 जनवरी को वह घर में मौजूद थीं, इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक महिला का फोन आया। उसने प्रणयप्रभा को अपना नाम मीना सिंह बताया और कहा कि, वह होम शॉपी से बोल रही है। उस अपरिचित महिला ने प्रणयप्रभा से कहा कि, आपको होम शाॅपी से 12 लाख 80 हजार रुपए का गिफ्ट कूपन लगा है। यह लॉटरी के माध्यम से नंबर लगा है। उसने कुछ प्रणयप्रभा से ऐसे बातचीत की कि, वे उसके झांसे में आ गईं। 

आरबीआई बैंक का लॉकर खोलने की दी सलाह
अपरिचित महिला ने प्रणयप्रभा से कहा कि, इस गिफ्ट कूपन को हासिल करने के लिए आपको आरबीआई में बैंक का लॉकर खोलना पड़ेगा। इसके बाद उस अपरिचित महिला ने प्रणयप्रभा से कई बार फोन पर बातचीत करती रही। उस अपरिचित महिला ने प्रणयप्रभा को एक बैंक खाता नंबर दिया और कहा कि, आगे की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उन्हें कुछ रुपए का भुगतान करना पड़ेगा। वह उसके झांसे में आ गईं और उस बैंक खाते में अलग-अलग समय में करीब 2,59,440 रुपए जमा कर दिए। 

पति के कहने पर आंखें खुलीं
इस पूरे मामले की जानकारी प्रणयप्रभा ने जब अपने पति प्रकाश दुरुगकर को दी, तब उन्होंने प्रणयप्रभा को बताया कि, उन्हें किसी ने झांसा देकर रुपए ऐंठ लिए हैं। इधर उस अपरिचित महिला ने भी प्रणयप्रभा से बातचीत करना बंद कर दिया था, तब उन्हें इस बात का एहसास हो गया कि, आरोपी महिला ने उनके साथ धोखाधड़ी की। उन्होंने वाठोड़ा थाने में जाकर शिकायत की। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। 

पुलिस से बच रहे आरोपी
आॅनलाइन लाॅटरी लगने के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के मामले में पुलिस इस तरह ठगी करने वालों पर लगाम लगा पाने में असफल साबित हो रही है। यही कारण है कि, आए दिन शहर में आॅनलाइन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर अपराध अंतर्गत आने वाले इस मामले को लेकर पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। इस तरह की घटनाओं की लंबी सूची है। पुलिस के पास काम का बोझ होने के कारण साइबर के इस प्रकरण को सुलझाने में दिलचस्पी नहीं लेती है। संतरानगरी में साइबर थाना बनाने की मांग लंबित पड़ी है। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।