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सीएम फडनवीस ने जेटली के निधन पर जताया गहरा दुख, गडकरी बोले - आसानी से हल करते थे समस्याएं

सीएम फडनवीस ने जेटली के निधन पर जताया गहरा दुख, गडकरी बोले - आसानी से हल करते थे समस्याएं

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने पूर्व वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता अरुण जेटली के निधन पर गहरा दुख जताया है। सीएम ने कहा कि अरुण जेटली का जाना दुखद है। कुछ समय पहले लग रहा था कि लग रहा था मानो जेटली ठीक हो जाएंगे, लेकिन उनकी तबियत बिगड़ती चली गई। जेटली के जाने से पार्टी ही नहीं बलकि देश का भी नुक्सान हुआ है। जेटली ने जहां कई घोटालों का पर्दाफाश किया था, वहीं देश को वन नेशन वन टैक्स की थ्योरी दी थी। सीएम ने कहा कि जेटली ने दिल्ली यूनिवर्सिटी का युवा नेता बन सियासी सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने कई ऐसे कार्य किए, जो भुलाए नहीं जा सकते। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि तबियत ठीक न होने के बावजूद 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने खुद को चुनाव प्रचार में झोंक दिया था। उनके निधन से पार्टी को गहरा धक्का लगा है। उनके असमय निधन से मेरा व्यक्तिगत नुकसान हुआ है। जेटली के निधन की वजह से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जनादेश यात्रा में बदलाव किया गया है। यात्रा प्रमुख सुजित सिंह ठाकुर ने बताया कि 25 अगस्त, रविवार को मुख्यमंत्री की जनादेश यात्रा स्थगित कर दी गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने जगह-जगह इंतजार कर रहे लोगों से मुलाकात की लेकिन इस दौरान फुल-माला ग्रहण नहीं किया और भाषण भी नहीं हुआ। रविवार को यात्रा स्थगित रहेगी जबकि सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पाथर्डी से यात्रा आगे बढ़ेगी।  

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अंग्रेजी हो या हिन्दी भाषा, जेटली एक कुशल वक्ता थे। देश के नामी वकील रहे। किसी न किसी मसले पर उनका मार्ग दर्शन हमेशा मिलता रहा। जेटली बीजेपी की विचारधारा को लेकर सदैव कटिबद्ध रहे। कितनी बड़ी समस्या हो, उसे आसानी से हल करने की अद्भुत क्षमता थी। गडकरी ने कहा कि अरुण जेटली का निधन बहुत बड़ी क्षती है। इससे पहले गडकरी ने ट्वीट कर कहा कि निशब्द हूं। अरुण जी को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। देश को उनकी कमी हमेशा खलेगी। राज्यसभा में पक्ष और विपक्ष में रहते उनके दिए भाषण हमेशा चिरन्तन रहेंगे। हमारे दो बड़े नेताओं का एक के बाद हमे छोड जाना सभी के लिए वज्राघात जैसा है। 

कांपा अध्यक्ष शरद पवार ने जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश ने एक प्रखर वक्ता, बुद्धिमान जननेता खो दिया। उन्होंने कहा कि विचारधारा के तौर पर हम भले ही अलग-अलग थे लेकिन जेटली से व्यक्तिगत संबंध अच्छे थे। वे मेरे आमंत्रण पर मेरे घर बारामती भी आए थे। वे हमें हमेशा याद आएंगे। मुंबई भाजपा अध्यक्ष मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा है कि अरुण जेटली के निधन से बहुत आहत हूं। उनके निधन से देश ने एक विद्वान, गहन कानूनविद एवं तेजतर्रार नेता खो दिया।  लोढा ने कहा कि उनका निधन मेरे लिये व्यक्तिगत रूप से भी अत्यंत दुखदायी है, क्योंकि वे मेरे मार्गदर्शक थे एवं हमारे पूरे परिवार को उन्होंने हमेशा स्नेह दिया। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि जेटल के निधन की खबर धक्कादायक है। उन्होंने कहा कि जेटली ने छात्र राजनीति से संसद की राजनीति तक अपनी अमिट छाप छोड़ी।   

बीजेपी के दिग्गज नेता अरुण जेटली का जन्म 28 दिसम्बर 1952 नई दिल्ली में हुआ। अरुण जेटली ने स्कूली शिक्षा दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल में 1957 से 1969 के दौरान पूरी की। 1973 में दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम किया,1977 में लॉ की डिग्री हासिल कर साल 1974 में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संगठन अध्यक्ष बन गए। 24 मई 1982 को संगीता जेटली से उनका विवाह किया, दो बच्चे बेटा रोहन और बेटी सोनाली हैं। अरुण जेटली पंजाबी ब्राह्मण थे। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत जानने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेन्द्र मोदी एम्स पहुंचे थे। जहां सभी ने उनका हाल जाना। जेटली 9 अगस्त से एम्स में भर्ती थे।  

शानदार सांसद और प्रशासक थे जेटली : आडवाणी

उधर नई दिल्लीन में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली के निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होने कहा कि जेटली कानून के जानकार के साथ एक उत्कृष्ट सांसद और एक महान प्रशासक भी थे। आडवाणी ने कहा कि जेटली पार्टी के लिए दशकों से समर्पित कार्यकर्त्ता थे। जब मैं भाजपा का अध्यक्ष था तब जेटली पार्टी में शामिल हुए थे और जल्द ही सबके चहेते बन गए।पूर्व उपप्रधानमंत्री ने कहा,’अरूण जी को उनके तेज और विश्लेषणात्मक दिमाग के लिए जाना जाता था। वह जटिल से जटिल समस्याओं का भी समाधान निकाल लेते थे। वह एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होने राजनीति के साथ साथ अपनी दोस्ती को भी काफी महत्व दिया और उसे आगे बढ़ाया’। उन्होने कहा, ‘जेटली के निधन की खबर सुनकर मुझे काफी दुख पहुंचा है। मैंने एक और नजदीकी नेता, पार्टी का सहकर्मी को दिया है। वह न सिर्फ अति गंभीर नेता थे बल्कि जाने मानो कानूनी विशेषज्ञ भी थे’





 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।