दैनिक भास्कर हिंदी: मुख्यमंत्री फडणवीस ने हाइकोर्ट में दायर की याचिका, उके ने की विधायकी रद्द करने की मांग

July 10th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में एडवोकेट सतीश उके द्वारा दायर याचिका में राज्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की विधायकी पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने फडणवीस पर वर्ष 2014 के विधान सभा चुनावों के दौरान शपथपत्र में गलत जानकारी देकर मतदाताओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है। इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मध्यस्थि अर्जी दायर कर उनका पक्ष सुने बगैर कोई भी आदेश पारित ना करने की प्राथर्ना हाइकोर्ट से की है। फडणवीस ने कोर्ट से इस मामले में कोर्ट को उसकी इच्छा अनुसार राहत देने की भी प्रार्थना की है। इस मामले में जल्द ही हाइकोर्ट में सुनवाई होगी।

शपथपत्र की सत्यता की जांच नहीं
पूर्व में हुई सुनवाई में जिला चुनाव अधिकारी और दक्षिण-पश्चिम नागपुर चुनाव अधिकारी ने अपनी सफाई कोर्ट में प्रस्तुत की थी। उन्होंने शपथपत्र में कहा था कि 2014 विस चुनावों के दौरान जब फडणवीस उम्मीदवार थे, तो उनके खिलाफ सतीश उके की शिकायत उन्हें मिली थी। चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार उन्होंने फडणवीस द्वारा दायर शपथपत्र आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया था। बदले में 4 अक्टूबर 2014 को उन्होंने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत काउंटर एफिडेविट भी अपलोड किया था। चुनाव अधिकारी ने आगे कहा है कि उनके अधिकार यहीं तक सिमित थे। शपथपत्र में दी गई जानकारी की पड़ताल करने अधिकार चुनाव आयोग ने उन्हें नहीं दिए। इसलिए उन्होंने फडणवीस द्वारा दिए गए शपथपत्र की सत्यता की जांच नहीं की। शिकायतकर्ता को संबंधित विभाग में इसकी शिकायत करनी चाहिए थी। 

मुख्यमंत्री पर आरोप
देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ 4 मार्च 1996 और 9 जुलाई 1998 को दो फौजदारी अपराध दायर किए गए। दोनों अपराधों में फडणवीस ने प्रथम श्रेणी न्याय दंडाधिकारी न्यायालय से 3 हजार के निजी मुचलके पर जमानत ली थी। वर्ष 2014 में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने भाजपा की ओर से दक्षिण-पश्चिम नागपुर विधानसभा से पर्चा भरा। आवेदन में उन्होंने उपरोक्त दोनों मामलों की जानकारी नहीं दी।

याचिकाकर्ता सतीश उके के अनुसार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारी आवेदन भरते समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ऊपर लगे दो अपराधिक मामलों की जानकारी छुपाई। उके ने मुद्दा उठाया कि मुख्यमंत्री ने जनता से झूठ बोल कर चुनाव जीता है।