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सीएम फडणवीस ने कहा - विपक्ष सामना करने की स्थिति में ही नहीं, देर से पहुंचे थोरात- हाथ हिला निकल गए

सीएम फडणवीस ने कहा - विपक्ष सामना करने की स्थिति में ही नहीं, देर से पहुंचे थोरात- हाथ हिला निकल गए

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी बैंकाक के सैर-सपाटे पर चले गए। विपक्ष निराशा से चुनाव का सामना करने की स्थिति में नहीं है। राकांपा नेता शरद पवार की हालत ‘आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ’ यह कहने वाले की स्थिति शोले फिल्म के जेलर जैसी हो गई है। दक्षिण-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार सभा में मुख्यमंत्री कांग्रेस, राकांपा नेताओं पर जमकर बरसे। नामांकन भरने के बाद पहली बार वे नागपुर आए।  पश्चिम नागपुर में सुधाकर देशमुख के प्रचारार्थ दाभा और दक्षिण नागपुर में मोहन मते के प्रचारार्थ उदयनगर चौक में मुख्यमंत्री ने प्रचार सभाओं को संबोधित किया। अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में किए विकास कार्यों को गिनाते हुए विपक्ष पर निशाना साधने से वे नहीं चूके। राज्य में प्रचार करने पर भी कुछ हाथ नहीं लगने का अंदेशा आने से राहुल गांधी बैंकाक सैर-सपाटे पर चले जाने का उन्होंने तंज कसा। हरियाणा, दिल्ली और अपने निर्वाचन क्षेत्र वायनाड़ में होने का अनुमान था। इसमें से एक भी जगह नहीं रहते हुए मैदान छोड़कर भाग जाने की मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की। राज्य के नेता सभा के लिए फोन करते रहे। आखिर एक-दो सभा लेने के लिए हामी भरी। कांग्रेस, राकांपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए कोई इच्छुक नहीं। पार्टी में रहने के लिए कोई तैयार नहीं रहने से शरद पवार आपा खो दिए हैं। इसलिए उन्हें नागपुर गुंडों का शहर महसूस होने लगा है।  

25 वर्ष बनाम 5 वर्ष

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 15 वर्ष और इससे पहले 10 वर्ष में जितनी निधि विकास पर खर्च की, उसके मुकाबले पांच गुना निधि हमारी सरकार ने 5 वर्ष में खर्च कर विकास किया। झोपड़पट्टी को मालिकाना पट्टे दिए। ऐवजदारों को नियमित करने की वर्षों से लंबित समस्या का हल निकाला। पिछली सरकार ने मिहान में 15 वर्ष में कुछ नहीं किया। हमारी सरकार ने पांच वर्ष में साढ़े तेरह हजार करोड़ रुपए का निवेश किया। हजारों बेरोजगारों को रोजगार दिया। आने वाले समय में एक लाख युवाओं को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार देने का उन्होंने वादा किया। मुख्यमंत्री अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी के नेतृत्व में विकास कार्य किए जाने का बार-बार उल्लेख करते रहे। 

मैदान छोड़ भागने वाले उम्मीदवार

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में नितीन गडकरी और मेरे खिलाफ खड़े किए उम्मीदवार मैदान छोड़कर भागनेवाले हैं। ये उम्मीदवार मैदान में नहीं, तकनीकी मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं। 100 सियार बाघ का शिकार नहीं कर सकते। दक्षिण-पश्चिम से आशीर्वाद की अपेक्षा : मुख्यमंत्री ने कहा िक मुंबई में अनेक निर्वाचन क्षेत्र तथा पुणे के कार्यकर्ता चाहते थे कि मैं उनके निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ूं। मुंबई की चमक-दमक मुझे आकर्षित नहीं कर सकी। मैंने दक्षिण-पश्चिम नागपुर से ही चुनाव लड़ने की ठान ली। इससे पहले चार बार मुझ पर विश्वास दिखाकर िवजई बनाया। मतदाताओं के आशीर्वाद से राज्य के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली। चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी मतदाताओं पर छोड़कर राज्य में प्रचार में जुटा रहूंगा। उन्होंने नागपुर के सभी िरकार्ड तोड़कर चुनाव में जिताने के िलए आशीर्वाद लोगों से मांगा।


देर से पहुंचे थोरात, हाथ हिला निकल गए

उधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहब थोरात शनिवार को चुनाव सभा को संबोधित करने के लिए शहर में पहुंचे, लेकिन सभा को संबोधित नहीं कर पाए। दर्शकों को हाथ हिलाकर अभिवादन करके लौट गए। इस दौरान संवाद माध्यम से चर्चा में उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को विदर्भ से संजीवनी मिलेगी। थोरात दो स्थानों पर कांग्रेस उम्मीदवारों की प्रचार सभा को संबोधित करनेवाले थे। उत्तर नागपुर के कांजी हाउस चौक में भी सभा का आयोजन किया गया था। उम्मीदवार सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने भाषण दिए। चुनाव आचार संहित के तहत रात 10 बजे तक ही चुनाव प्रचार किया जा सकता है। श्री थोरात 10.04 बजे सभा स्थल पर पहुंचे। लिहाजा भाषण दिए बिना ही उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस दौरान संवाद माध्यम से चर्चा में श्री थोरात ने दावा किया कि विदर्भ से कांग्रेस को संजीवनी मिलेगी। विदर्भ कांग्रेस का गढ़ रहा है। विधानसभा में यहां कांग्रेस काफी सीटों पर जीतेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस संकट के दौर के बाद उभरती रही है। 1995 में अन्य दलों की सत्ता थी, लेकिन 1999 में कांग्रेस सत्ता में लौटी। इससे पहले भी राज्य में कांग्रेस पराजय के बाद जीतती रही है। श्री थोरात ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कांग्रेस उम्मीदवारआशीष देशमुख कड़ी चुनौती दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने देशमुख को भगोड़ा विधायक कहा है, लेकिन देशमुख ही भाजपा उम्मीदवार को भगाने का काम करेंगे। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।