comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कोयला कारोबारी ने दिल्ली के व्यवसायी को लगाई 81 लाख की चपत

कोयला कारोबारी ने दिल्ली के व्यवसायी को लगाई 81 लाख की चपत

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दिल्ली के एक व्यवसायी को नागपुर के कोयला कारोबारी द्वारा 81 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। नागपुर के कमीशन एजेंट विशेष अनिल अग्रवाल (34) 102 हिमालय क्राउन लॉ कॉलेज, अमरावती रोड नागपुर निवासी की शिकायत पर गणेशपेठ पुलिस ने आरोपी सैयद सादिक अली पटेल (51)  फ्लैट नंबर 104 वाठोड़ा नागपुर निवासी पर धारा 406, 420 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी सैयद का कलमना क्षेत्र में काेयला का भंडार था। लॉकडाउन के समय उसका कारोबार ठप पड़ गया था। 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, विशेष अग्रवाल ने गणेशपेठ थाने में आरोपी सैयद सादिक पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। गणेशपेठ थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बी. क्षीरसागर के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। 

मामला यह है 

दिल्ली के एक व्यवसायी ने कोयले की खरीदी के लिए विशेष अग्रवाल के माध्यम से सौदेबाजी की। विशेष अग्रवाल कमीशन एजेंट का काम करते हैं। विशेष ने एएमबी कॉन्सेप्ट सोल्यूशन, घाट रोड नागपुर में  24 दिसंबर 2020 से 16 जनवरी 2021 के दरमियान आरोपी सैयद सादिक अली पटेल को कोयले का आर्डर दिया। इस दौरान दिल्ली के व्यवसायी से 80 प्रतिशत रकम एडवांस मांगी गई। दिल्ली के व्यवसायी ने अलग-अलग समय में आरटीजीएस द्वारा करीब 81,00,000 रुपए सैयद पटेल को भेजे। पटेल ने अपने और अपने एक मित्र के बैंक खाते में यह रकम मंगाई थी। इसके बाद पटेल ने निजी खातों में ट्रांसफर कर करीब 18 लाख रुपए निकाल लिए। 

आरोपी गायब, मोबाइल बंद, मामला थाने में

इस बीच जब विशेष अग्रवाल ने पटेल से कोयला का आर्डर पूरा करने की बात की तो वह अपना मोबाइल फोन बंद कर गायब हो गया। यह बात विशेष अग्रवाल ने दिल्ली के व्यवसायी को बताई तब दिल्ली के व्यवसायी ने विशेष अग्रवाल को आरोपी सैयद पटेल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा। 

सैयद पटेल की कुटिल चाल, ऐसे मंगाता था पैसे

कहा था, 80 प्रतिशत रकम एडवांस देना होगा। रकम मिलने पर दो दिन बाद कोयले की डिलीवरी कर दी जाएगी। करारनामे के बाद एडवांस रकम करंट अकाउंट में मंगाया करता था। उसके बाद वह रकम अपने और अपने मित्र के सेविंग बैंक खाते में ट्रांसफर कर देता था। 81 लाख में से 18 लाख हासिल करने के बाद न तो पैसे वापस किया और न ही कोयला भेजा।  

पुलिस ने यह कदम उठाया

गणेशपेठ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक क्षीरसागर ने बैंक को पत्र भेजकर बाकी रकम के लेन-देन पर राेक लगाने के लिए कहा। मामला दर्ज गणेशपेठ पुलिस फरार आरोपी सैयद पटेल की तलाश कर रही है।

कमेंट करें
kfvAF
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।