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मुख्यमंत्री के समर्थन में पहले ही इस्तीफा देने को तैयार थे कांग्रेस विधायक अग्रवाल, भाजपा में हुए शामिल

मुख्यमंत्री के समर्थन में पहले ही इस्तीफा देने को तैयार थे कांग्रेस विधायक अग्रवाल, भाजपा में हुए शामिल

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कांग्रेस के विधायक गोपाल अग्रवाल 5 वर्ष से भाजपा का समर्थन कर रहे थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार के गठन के समय राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति के समय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के समर्थन में विधायक पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी थी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोमवार को यह जानकारी दी है। विधायक अग्रवाल के भाजपा में प्रवेश कार्यक्रम मुख्यमंत्री बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अग्रवाल तन से भले ही कांग्रेस में रहे लेकिन मन से भाजपा से जुड़ चुके थे। दिसंबर 2014 में सरकार गठन के समय अस्थिरता थी। शिवसेना प्रमुख विपक्ष की भूमिका में था। मुख्यमंत्री काे बहुमत जुटाना था। उस समय अग्रवाल, मुख्यमंत्री से मिले। उन्होंने कहा कि विदर्भ के मुख्यमंत्री के समर्थन में वे विधायक पद से इस्तीफा देकर पुन: चुनाव लड़ने को तैयार है। फडणवीस ने यह भी कहा कि आघाड़ी सरकार के समय भी अग्रवाल भाजपा के लिए सहायक थे। भाजपा विपक्ष में थी। सरकार के विरोध में विपक्ष आक्रामक रहता था। तब सत्ता में रहते हुए भी अग्रवाल आघाड़ी सरकार के विरोध में आक्रामक हो जाते थे। फडणवीस ने दावा किया कि इस बार भाजपा के नेतृत्व में महायुति को न भूतो वाली जीत मिलेगी। अब तक जो परिणाम नहीं आए वह परिणाम देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्च में राज्य में भाजपा सत्ता में लौटेगी। मुख्यमंत्री ने विधायक अग्रवाल को संकेतों में संगठनात्मक अनुशासन ध्यान रखने को भी कहा। उन्होंने कहा कि गोंदिया भंडारा में पहले से भी भाजपा परिवार मजबूत है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पिछले चुनावों में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस का नया परिवार भाजपा से जुड़ रहा है। दो परिवार मिलकर बड़ा परिवार बनेगा। अग्रवाल को भी नए पुराने परिवार के सदस्यों का ध्यान रखना होगा।

कांग्रेस विधायक गोपाल अग्रवाल ने लिया भाजपा में प्रवेश

गोंदिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक गोपाल अग्रवाल ने भाजपा में प्रवेश लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में गोंदिया जिला के भाजपा अध्यक्ष हेमंत पटले से दुपट्टा पहनाकर अग्रवाल को भाजपा में प्रवेश दिलाया। अग्रवाल को गोंदिया से भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने के साफ संकेत मिले हैं। रामदासपेठ स्थित होटल सेंटर प्वाइंट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि अग्रवाल 5 वर्ष से राज्य सरकार के लिए सहायक के तौर पर रहे हैं। लोकलेखा समिति के अध्यक्ष रहते हुए अग्रवाल ने कांग्रेस व राकांपा के नेताओं के भ्रष्टाचार को सामने लाने का काम किया। उनके नेतृत्व में गोंदिया में भाजपा का विधायक चुनाव जाएगा। अग्रवाल ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विकास कार्य को देखते हुए भाजपा में शामिल हुए हैं। वे गोंदिया हीं नहीं विदर्भ में भाजपा काे मजबूत बनाने के लिए योगदान देंगे। अग्रवाल के साथ गोंदिया जिला परिषद के 6 कांग्रेस सदस्यों ने भी भाजपा में प्रवेश लिया। गोंदिया के पालकमंत्री परिणय फुके, नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के अलावा गोंदिया व नागपुर के भाजपा पदाधिकारी उपस्थित थे।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।