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शिवसेना के लिए पांच सीटें छोड़ने को तैयार नहीं कांग्रेस-राकांपा

शिवसेना के लिए पांच सीटें छोड़ने को तैयार नहीं कांग्रेस-राकांपा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य की सत्ता में शामिल सहयोगी दल चाहते हैं कि विधान परिषद की राज्यपाल कोटे की 12 सीटों को लेकर मुख्यमंत्री सहयोगी दलों कांग्रेस-राकांपा के साथ जल्द बैठक बुलाएं। सूची फाइनल करने के लिए अभी तक मुख्यमंत्री ने सहयोगी दलों के साथ चर्चा नहीं की है। गुरुवार को कांग्रेस कोटे के मंत्रियों ने बैठक की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि तीन दलों की सरकार में कांग्रेस को भी समान सम्मान मिलना चाहिए और निर्णय प्रक्रिया में पार्टी की भी हिस्सेदारी हो। सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बाला साहेब थोरात व प्रदेश राकांपा अध्यक्ष जयंत पाटील ने मुख्यमंत्री से विधान परिषद की राज्यपाल नामित सीटों के लिए नामों को अंतिम रूप देने के लिए एक बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। लेकिन अभी तक यह बैठक नहीं हो सकी। विधान परिषद के राज्यपाल मनोनित 8 सदस्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि 2 सदस्यों का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो जाएगा। 2 सीट इस्तीफे के चलते पहले से रिक्त हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सरकार के गठन के समय ही यह तय हो चुका है कि तीनों दलों में प्रत्येक को विधानपरिषद की चार-चार सीटें मिलेंगी, लेकिन अब शिवसेना पांच सीटों पर दावा कर रही है, जो हमें किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जल्द ही बैठक बुला कर नाम फाइनल करेंगे।

निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस के एक मंत्री ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि कांग्रेस कोटे के मंत्रियों की बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि तीन दलों की सरकार में कांग्रेस को भी बराबर सम्मान मिलना चाहिए और सरकार की निर्णय प्रक्रिया में कांग्रेस की भी भागीदारी होनी चाहिए। गौरतलब है कि ठाकरे सरकार में राकांपा दिन प्रतिदिन भारी पड़ती जा रही है। इससे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि बैठक में कांग्रेस विधायकों के विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य और महामंडलों में नियुक्तियों जैसे मसलों पर चर्चा हुई। इस बीच कांग्रेस के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए शिवसेना सचिव व मुख्यमंत्री के निजी सचिव मिलिंद नार्वेकर के साथ बैठक की।  

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।