दैनिक भास्कर हिंदी: विधानसभा चुनाव में 370 को भुनाएगी भाजपा, कांग्रेस ने कहा- मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश

September 22nd, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने जाने के केंद्र सरकार के फैसले को भुनाएगी। इसको भाजपा जनता के बीच देश भक्ति के रूप में पेश करते हुए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को घेरेगी। भाजपा के अध्यक्ष व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला। इसे लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि विधानसभा चुनाव के मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा अनुच्छेद 370 का मुद्दा आगे रख रही है। उन्होंने भाजपा सरकार को किसान आत्महत्या, बेरोजगारी, बाढ़ प्रभावितों को मदद न मिलने जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। महाराष्ट्र में 370 नहीं बल्कि 371 लागू है। 370 के मुद्दे का यहां पर क्या फायदा। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार की विफलता को छिपाने के लिए कश्मीर का मुद्दा आगे किया जा रहा है। मलिक ने कहा कि जम्मू- कश्मीर भारत को अभी मिला तो भाजपा पीडीपी के साथ सरकार किस प्रदेश में चला रही थी। 

रविवार को शाह ने गोरेगांव के नेस्को सभागार में अनुच्छेद 370 हटाने पर आयोजित पार्टी की विशेष सभा को संबोधित किया। शाह ने कहा कि कांग्रेस को अनुच्छेद 370 के मामले में राजनीति दिखाई पड़ती है लेकिन हमें इसमें देशभक्ति नजर आती है। कांग्रेस और भाजपा के बीच में यही फर्क है। शाह ने कहा कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस निर्लज्य होकर अनुच्छेद -370 हटाने का विरोध कर रही है। मैं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार से पूछना चाहता हूं कि वे अनुच्छेद -370 हटाने का समर्थन कर रहे हैं या विरोध में खड़े हैं। महाराष्ट्र की जनता को अनुच्छेद 370 का विरोध करने वालों को उनकी जगह बताने का काम करेगी। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पहला चुनाव प्रदेश में होगा। इस चुनाव में प्रदेश की जनता को तय करना है कि उसे राष्ट्रवादी पार्टियों के साथ जाना है और परिवारवादी पार्टियों के साथ। शाह ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के कार्यकर्ता प्रदेश के सभी नागरिकों के घर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने का संदेश लेकर जाएं। शाह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल कहते हैं कि अनुच्छेद 370 राजनीतिक मुद्दा है। लेकिन भाजपा के लिए अनुच्छेद 370 हटाना राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि भारत मां को एक और अखंड बनाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार जान लें कि अनुच्छेद 370 हटाने के कारण जम्मू-कश्मीर में अशांति नहीं हुई है। मगर फायदा जम्मू-कश्मीर को बहुत हुआ है। 

पीओके का मसला नेहरू के भूल के कारण 

शाह ने कहा कि देश में हम सब चाहते हैं कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत का हिस्सा हो। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का अस्तित्व ही न होता अगर साल 1947 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अचानक युद्ध विराम घोषित न किया होता। नेहरू के युद्ध विराम घोषित करने के भूल के कारण पीओके का मसला खड़ा है। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण देश में आतंकवाद आया। अनुच्छेद 370 के कारण पाकिस्तान को अलगावाद और आतंकवाद पर लोगों को भड़काने का एक बड़ा साधन दे दिया गया। देश में 40 हजार लोग आतंकवाद की भेंट चढ़ गया। शाह ने कहा कि 5 अगस्त से 22 सितंबर तक जम्मू- कश्मीर में पुलिस को एक भी गोली नहीं चलानी पड़ी है। एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। शाह ने कहा कि अनुच्छेद -370 हटाए जाने के बाद जम्मू- कश्मीर की जनता शांति से जीवन यापन कर रही है। शाह ने कहा कि कुछ समय बाद जम्मू-कश्मीर आतंकवाद से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर चल पढ़ेगा।

कश्मीरियों के घरों में होते सोने के टीन 

शाह ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से जम्मू-कश्मीर में विकास के लिए 2 लाख 27 हजार करोड़ रुपए भेजे गए थे लेकिन वहां पर भ्रष्टाचार नहीं हुआ होता तो हर कश्मीरियों के घरों में सोने के टीन लग गया होता। शाह ने कहा कि जनता के लिए भेजा गया पैसा राजनीति और भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया। लेकिन भ्रष्टाचार करने वालों को कश्मीर के ठंड में भी पसीने आने लगे हैं। जम्मू-कश्मीर में तीन परिवारों ने लगातार शासन किया है। ये तीनों परिवारों ने जम्मू-कश्मीर में अब तक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) नहीं बनाया था। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कोई कानून नहीं बनाया था। लेकिन अब वहां पर एसीबी काम कर रही है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में आने के बाद परिवारवादी पार्टियों की नींव हिलने लगी है। कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस अब डरने लगी है। जम्मू-कश्मीर में भी परिवारवादी पार्टियों का सफाया होने वाला है।