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कांग्रेस प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महिला सुरक्षा व सक्षमीकरण का सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा है कि योजना से अधिक प्रचार पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र में प्रोपेगेंडा सरकार चल रही है। केंद्र व राज्य में महिलाओं से जुड़े अपराध के आंकड़ों के साथ मुखर्जी ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इन अपराधों को रोकने के लिए क्या उपाययोजना की जा रही है। शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में मुखर्जी बोल रही थी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में ही बेटी बचाओ अभियान की शुरुआत की थी। यह अभियान केवल जनजागरण नहीं बल्कि महिला अत्याचार रोकने की योजनाओं के साथ चलाया जाना है। अभियान के लिए 928 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। उसमें से 19 प्रतिशत ही राज्य व जिलों को निधि मिली है। बेटी बचाओ अभियान की 40 प्रतिशत निधि विज्ञापनों पर खर्च की गई है। निर्भया दुष्कर्म प्रकरण के बाद ठोस कानून बनाने की पहल हुई। लेकिन कानून पर अमल नहीं हो पा रहा है। महाराष्ट्र में दुष्कर्म,महिला उत्पीड़न  के प्रकरण लगातार बढ़ रहे हैं। महिला अत्याचार रोकने के लिए कानून के बारे में जनजागृति का प्रावधान नहीं है। मुख्यमंत्री के गृहनगर में भी अपराध बढ़ रहे है। 45 वर्ष में सबसे अधिक बेरोजगारी फिलहाल है। बेरोजगारी का असर महिलाओं पर पड़ता है। किसान आत्महत्या रोकने के लिए उपाययोजना नहीं की जा रही है। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी आशीष दुआ, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्रसिंह राजपूत, आशीष देशमुख,विशाल मुत्तेमवार, प्रफुल गुडधे पाटील भी थे।

यह भी कहा
* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचार से सहमत होने का सवाल ही  नहीं है। जिस तरह धर्म के नाम पर भेदभाव पैदा किया जा रहा है उससे असहमत है। निजी तौर पर मैं अपने पिता पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के विचारों पर राय नहीं दे सकती हूं। मेरा साफ मानना है कि संविधान के तहत कार्य होना चाहिए। भेदभाव पैदा करनेवाली * हर स्थिति का कांग्रेस निषेध करती है।
* पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपी अस्पताल में व पीड़ित को जेल में डालने की स्थिति  दुखद है। चिन्मयानंद के विरुद्ध दुष्कर्म के बजाय लैंगिक शोषण का अपराध दर्ज किया गया है।
* विनायक सावरकर को भारतरत्न सम्मान के संकल्प का विरोध नहीं किया जा रहा है। सवाल यह है कि भारतरत्न सम्मान को चुनाव का विषय क्यों बनाया जा रहा है।
* मेरे पिता ने 50 वर्ष तक कांग्रेस के मंच से सार्वजनिक हित के कार्य किए। उनके सार्वजनिक क्षेत्र के कार्यों को देखते हुए ही सरकार ने उन्हें भारतरत्न दिया। मतलब साफ है, वर्तमान सरकार ने मान लिया है कि कांग्रेस का सार्वजनिक क्षेत्र में योगदान सम्मान के काबिल है।


 

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