दैनिक भास्कर हिंदी: गुजराती भाषा न आना राहुल गांधी को पड़ा भारी, 'लेडीज टॉयलेट' में घुसे

October 12th, 2017

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने तीन दिन के दौरे पर गुजरात गए हुए थे। तीन दिन में राहुल ने कई रैलियों को संबोधित किया और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान दौरे के तीसरे दिन राहुल छोटा उदेपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक रैली को संबोधित किया। दिनभर राजनीतिक कार्यक्रमों में बिजी रहने वाले राहुल के साथ एक ऐसी घटना घट गई, जिसके बारे में उन्होंने सोचा भी नहीं होगा। दरअसल, राहुल को गुजराती भाषा की समझ न होने से बड़ा नुकसान उठाना पड़ा और वो ये कि भाषा की समझ न होने से वो जल्दबाजी में 'लेडीज़ टॉयलेट' में जा घुसे। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि टॉयलेट के बाहर कोई फोटो नहीं लगी थी, जिससे लेडीज़ और जेंट्स टॉयलेट की पहचान की जा सके। 

दीवार पर लिखा था- 'महिला माटे शौचालय'

राहुल गांधी तीसरे दिन छोटा उदेपुर में आदिवासी छात्रों के साथ 'संवाद' कार्यक्रम के तहत चर्चा करने गए थे। इसी दौरान राहुल को टॉयलेट जाना पड़ा, लेकिन वो जेंट्स की बजाय लेडीज़ टॉयलेट में जा घुसे। उसकी वजह टॉयलेट के बाहर गुजराती भाषा में लिखा 'महिला माटे शौचालय' है। लेडीज़ टॉयलेट के बाहर गुजराती में लिखा था, 'महिला माटे शौचालय', जिसे राहुल गांधी समझ नहीं पाए और गलती से जेंट्स की जगह लेडीज़ टॉयलेट में चले गए। इसके बाद जैसे ही राहुल को पता चला कि वो लेडीज़ टॉयलेट में आ गए हैं, तो वो तुरंत बाहर आ गए, लेकिन उनकी ये घटना मीडिया के कैमरे में कैद हो गई। 

स्टूडेंट के मन की बात सुनने आए हैं

इससे पहले राहुल ने छोटा उदेपुर में आदिवासी स्टूडेंट से बातचीत की। इस दौरान भी राहुल ने जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि, आज सभी कॉलेज इंडस्ट्रियलिस्ट के हाथ में है। यदि आपको एजुकेशन चाहिए तो डोनेशन देना होगा। यही गुजरात की हकिकत है। उन्होंने कहा कि, वो यहां स्टूडेंट के मन की बात सुनने आए हैं, भाषण देने नहीं आए। राहुल ने आगे कहा कि, गुजरात में चुनाव नजदीक ही हैं, कुछ ही महीनों में नई सरकार आएगी। अगर उनकी सरकार आई तो वो पीएम की तरह 'मन की बात' नहीं करेगी, बल्कि 'जनता के मन की बात' सुनेगी और उस हिसाब से ही काम करेगी।