दैनिक भास्कर हिंदी: जबलपुर-भोपाल फोरलेन के पहले हिस्से का निर्माण कार्य बंद, जल्द राहत की उम्मीद नहीं

December 14th, 2020

एमपीआरडीसी का कहना- काम बंद होने की लिखित जानकारी नहीं, मौके पर मूवमेंट थमा, अहम हिस्सों में जाकर काम अटका
डिजिटल डेस्क जबलपुर । जबलपुर से प्रदेश की राजधानी भोपाल वैकल्पिक मार्गों से जाना वैसे ही ज्यादा तकलीफदेह और उबाऊ है, यह सफर लेकिन अभी कुछ साल और करना पड़ सकता है। इसकी वजह यही है कि मुख्य मार्ग (जबलपुर-भोपाल एनएच-12) जो फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है वह जल्द बनता नहीं दिख रहा है। ताजा हालात इस फोरलेन निर्माण के यह हैं कि इसके पहले हिस्से का काम बंद हो गया है। पहला हिस्सा जो अंध-मूक चौराहे से नरसिंहपुर बॉर्डर हिरण नदी की सीमा तक 55 किलोमीटर में है इसमें निर्माण पूरी तरह से थम चुका है। वजह कोई विशेष नहीं तो भी मौके पर काम नहीं दिख रहा है। हालाँकि मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि लिखित में कंपनी ने किसी तरह से काम बंद नहीं किया है, लेकिन मौके पर इस दावे से अलग हालात हैं।
 गौरतलब है कि बीते 2 दशक से इस मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने की कवायद चल रही है। इसमें पहले भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण वन, ठेका लेने वाली कंपनी के डिफाल्टर होने और केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से एनओसी कई स्तरों पर प्रक्रिया के चलते अब जाकर हालात ऐसे बने कि इसका काम जल्द हो सकता है, लेकिन अभी कार्य अटक गया है। बताया जा रहा है कि पहले हिस्से का काम 90 फीसदी हो चुका है। केवल सर्विस रोड, अंडर व्हीकल पास और आरओबी के पास काम नहीं हो सका है। मौके पर ज्यादातर निर्माण होने का दावा किया जा रहा है। एमपीआरडीसी के एजीएम संतोष शर्मा कहते हैं िक ठेका कंपनी ने हमें निर्माण कार्य थमने की जानकारी नहीं दी है। काम वैसे कहीं-कहीं चल रहा है।
जनवरी में हो जाना था पूरा
 इस हिस्से का काम जनवरी माह तक पूरा होना चाहिए था। अभी बीते एक माह के करीब से काम रुका हुआ है। इन हालातों में जानकारों का कहना है कि इस सड़क को बनाने की जो नई समय सीमा है और आगे बढ़ जाएगी, साथ ही जो जनता सालों से प्रदेश की राजधानी मुख्य मार्ग से जाने का सपना देख रही है वह सपना भी जल्द पूरा नहीं हो सकता है। छोटी, सँकरी सड़कों से अभी और कई साल भोपाल जाना मजबूरी बना हुआ है।
बने तो जनता को बड़ी राहत
 जबलपुर-भोपाल-जयपुर एनएच-12 फोरलेन  यदि पूरा बन जाता है तो जबलपुर की जनता को प्रदेश की राजधानी जाने में बड़ी राहत मिल सकती है। अभी जो सफर अलग-अलग मार्गों से  7 से लेकर 9 घण्टों में पूरा होता है उसको साढ़े पाँच से 6 घण्टों में पूरा किया जा सकता है, साथ ही ईंधन की बचत भी होने वाली है। चक्कर लगाकर जाना बंद हो जाएगा और आसानी से लोग अपना काम निपटाकर राजधानी से सड़क मार्ग से जल्द वापस भी लौट सकते हैं।
इस अंदाज में हो रहा निर्माण
* फोरलेन निर्माण कुल पाँच हिस्सों में हो रहा
* पहला हिस्सानिर्माण एरिया - 55 कि.मी.
* दूसरा हिस्सा निर्माण एरिया - 63 कि.मी.
* तीन अन्य हिस्सों में निर्माण एरिया -182 कि.मी.
* बीच के हिस्से में काम अभी एकदम धीमा
* भोपाल के एरिया में निर्माण कार्य 80 फीसदी पूरा
* जबलपुर में निर्माण 90 प्रतिशत पर आकर थमा

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