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बुकिंग रद्द करने वाले उपभोक्ता को ब्याज के साथ लौटानी होगी रकम

बुकिंग रद्द करने वाले उपभोक्ता को ब्याज के साथ लौटानी होगी रकम

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी व अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए टूर ऑपरेटर थॉमस कुक(इंडिया) को एक व्यक्ति को एडवांस के रुप में दी गई ढाई लाख रुपए की रकम नौ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का निर्देश दिया है। जबकि एक लाख रुपए मानसिक पीड़ा व मुकदमे के खर्च के रुप में देने को कहा है। इस तरह से कुल 4 लाख रुपए का भुगतान करने के लिए कहा गया है। अनंत कोर्डे ने अपनी मां, पत्नी व दो बच्चों के लिए थामस कुक के यहां मई 2014 में युरोप टूर का पैकेज बुक किया था। कोर्डे को टूर का कुल खर्च नौ लाख 40 हजार 138 रुपए बताया गया था। इसके तहत उन्होंने थामस कुक को एडवांस के रुप में ढाई लाख रुपए का भुगतान कर दिया। 28 मई 2014 से टूर की शुरुआत होनेवाली थी। टूर पैकेज बुक करने के बाद कोर्डे ने लंडन से पेरिस के बीच युरोस्टार ट्रेन से सफर करने की इच्छा व्यक्त की और कहा कि इसके लिए वे अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करने के लिए राजी है। इस दौरान उन्होंने टूर के तहत बुक किए गए होटल व यात्रा की समय सारणी की जानकारी मांगी। थामस कुक की ओर से बताया गया कि यह जानकारी उन्होंने टूर शुरु होने के सात दिन पहले दी जाएगी। इसके साथ उनकी युरोस्टार ट्रेन से सफर की मांग को भी अस्वीकार कर दिया गया। इस पर कोर्ड ने अपना टूर रद्द कर दिया लेकिन थामस कुक ने कोर्डे की ओर से एडवांस के रुप में दी गई पूरी रकम का भुगतान करने से इंकार कर दिया। थमस कुक की ओर से कोर्डे को एक लाख 62 हजार 374 रुपए दिए गए। इससे असंतुष्ट कोर्ड ने राज्य उपभोक्ता आयोग में आवेदन दायर किया। आयोग के सामने थामस कुक ने दावा किया कि टूर रद्द करने का निर्णय आवेदनकर्ता(कोर्डे) ने लिया है। हमने टूर नहीं रद्द किया है। इसलिए कैंसिलेसन(रद्द) शुल्क को काटने के बाद कोर्डे को रकम का भुगतान किया गया है। 

थॉमस कुक को राज्य उपभोक्ता आयोग का आदेश

आयोग ने मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि कोर्डे ने जिस टूर पैकेज को चुना था वह समूह टूर था जबकि कोर्डे परिवार के साथ यात्रा पर जा रहे थे। इसलिए कंपनी को पता था कि वह कोर्डे की ट्रेन से जुड़ी यात्रा की मांग को नहीं पूरा कर सकते है। यह अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। यह बात कहते हुए आयोग ने थामस कुक को एडवांस के रूप में कोर्डे की ओर से दी गई सारी रकम(ढाई लाख रुपए) का भुगतान नौ प्रतिशत ब्याज के साथ और एक लाख रुपए टूर रद्द होने के चलते हुए मानसिक पीड़ा व मुकदमे के खर्च के लिए भुगतान करने का निर्देश दिया। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।