दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर विश्वविद्यालय में पदभर्ती के लिए चयन समिति के गठन को लेकर विवाद

February 15th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में बरसों बाद शिक्षक पदभर्ती प्रक्रिया शुरू होने को है, लेकिन इसी प्रक्रिया से जुड़ा नया विवाद विश्वविद्यालय में गर्मा गया है। यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार लिए जाने हैं, इसके लिए चयन समितियां गठित करने का कार्य चल रहा है। अब चयन समितियों के गठन की प्रक्रिया और गोपनीयता पर सवाल उठे हैं। स्वयं यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट काउंसिल सदस्य इस पर आपत्ति दर्शा रहे हैं। 

बैठक में ही तारीख  पर विरोध
दरअसल, नागपुर यूनिवर्सिटी ने चयन समिति पर विशेषज्ञों और अन्य सदस्यों के नाम पर मुहर लगाने के लिए मैनेजमेंट काउंसिल बैठक बुलाई थी। बैठक में सदस्य डॉ.नितीन कोंगरे ने मुद्दा उपस्थित किया कि कुलगुरु ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करके चयन समिति की पारदर्शिता के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कुलगुरु को पत्र लिख कर अपना विरोध दर्शाया है।

डॉ.कोंगरे के अनुसार, बीते दिनों विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल में सदस्यों से विशेषज्ञों के नाम मांगे गए थे। गोपनीयता के मुताबिक सदस्यों को 23 जनवरी 2019 तक एक सीलबंद पेटी में चिट्‌ठी डाल कर विशेषज्ञों के नाम सुझाने थे। बैठक समाप्त होने के बाद कुलगुरु ने कुछ लोगों के निवेदन पर अपने अधिकारों का हवाला देते हुए तारीख बढ़ा कर 31 जनवरी कर दी। डाॅ.कोंगरे के अनुसार, विश्वविद्यालय को तारीख बढ़ाने के लिए बाकायदा एकेडमिक काउंसिल से फिर से अनुमति लेनी चाहिए थी। 

स्थगित हुई बैठक
कुलगुरु की मनमर्जी से चयनकर्ताओं की सूची की गोपनीयता से खिलवाड़ हुआ है। इसी बैठक में यूनिवर्सिटी को चयन समिति में एक प्राचार्य का नाम तय करना था। बैठक में सदस्य डॉ.उर्मिला डबीर का नाम सामने आया, लेकिन अन्य सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई। एक सदस्य ने बताया कि डॉ. डबीर के खुद के कॉलेज में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, ऐसे में उनका चयन समिति पर जाना सही नहीं है। यूनिवर्सिटी की यह बैठक एक सप्ताह के लिए स्थगित की गई है।