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मनोरंजन पर भारी कोरोना, मुंबई उच्च न्यायालय ने कोर्ट के लिए जारी की सूचना, सेंट्रल जेल में विदेशी कैदी सहित सबकी जांच

मनोरंजन पर भारी कोरोना, मुंबई उच्च न्यायालय ने कोर्ट के लिए जारी की सूचना, सेंट्रल जेल में विदेशी कैदी सहित सबकी जांच

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा  रही है। सरकार लोगों से भीड़ से बचने की अपील कर रही है। शनिवार को राज्य सरकार ने सिनेमाघर, जिम और स्विमिंग पूल बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि इससे पहले ही शहर में हाेने वाले बहुत से आयोजन रद्द कर दिए गए है। सरकार द्वारा आदेश जारी किए जाने से पहले ही शहर के लोग सतर्क हाे गए हैं। कोरोना के कारण शनिवार को शहर के सिनेमाघरों में लाखों रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। फिलहाल शुक्रवार को थिएटर में कोई बड़ी फिल्म भी रिलीज नहीं हुई। कोरोना के डर से अक्षयकुमार स्टारर सूर्यवंशी और क्रिकेट वर्ल्ड कप पर आधारित "83' फिल्म के रिलीज की तारीख भी आगे बढ़ा दी गई है।

दर्शक भी बरत रहे सावधानी

थिएटरकर्मी ने बताया कि कोराेना की दहशत के कारण पहले ही दर्शकांे की संख्या  घट चुकी है। फरवरी और मार्च के बीच बच्चों के एक्जाम होने के कारण वैसे भी थिएटर्स में मूवी देखने आने वाले कम रहते हैं। वहीं लोग खुद भी सतर्कता बरतते हुए भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बच रहे हैं।  

जिम बंद करने का निर्णय गलत

जिम संचालक मनोज के अनुसार जिम में लोग अपनी हेल्थ बनाने के लिए आते हैं। जिम में उतनी भीड़ भी नहीं होती है। जिम जाने से लोगों की तबीयत ठीक रहती है। शरीर का स्टेमिना और फिटनेस बढ़ता है। सरकार का जिम को बंद रखने का निर्णय नहीं लेना था। जिम में नए एडमिशन भी नहीं आएंगे। 

कुछ सिनेमाघरों में उमड़ी भीड़

कोराना की दहशत और सरकार द्वारा सिनेमाघर बंद रखने के आदेश के बीच शहर में कुछ सिनेमाघर शुरू रहे। टाइगर श्राफ स्टारर फिल्म बागी-3 देखने भीड़ उमड़ी थी।

कोरोना इफेक्ट... मुंबई उच्च न्यायालय ने कोर्ट के लिए जारी की आवश्यक सूचना

कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया गया है। इसके प्रसार को रोकने के लिए मुंबई उच्च न्यायालय के कार्यवाह मुख्य न्यायमूर्ति ने मुंबई, ठाणे, नागपुर और अहमदनगर के जिला न्यायालय सहित अन्य न्यायालयों के लिए सूचना जारी की है। जिसमें सावधानी बरतने के साथ आवश्यकता नहीं होने पर कोर्ट में उपस्थित नहीं होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एक भीड़ जमा नहीं हो इस बात पर निर्देश दिए हैं।

1. कोर्ट में पक्षकार की उपस्थिति आवश्यक नहीं होने तो उन्हें कोर्ट में नहीं बुलाएं। पक्षकार और सामान्य जनता के लिए परिसर में प्रवेश के लिए उपाययोजना करें।
2. कोर्ट उपस्थिति नहीं हो तो वकील भी अपने पक्षकारों को न्यायालय में उपस्थित होने को नहीं कहें।
3. किसी प्रकरण में यदि पक्षकार अनुपस्थित है तो उसके विरुद्ध कोई आदेश पारित नहीं किया जाए।
4. प्रकरण स्थगित करने के निवेदन में पक्षकार, वकील और गवाह तीनों शामिल हो।
5. फौजदारी प्रकरण में आरोपी द्वारा न्यायालय में उपस्थित रहने के लिए छूट के निवेदन पर अनुकूल दृष्टि से विचार करें।
6. सबूत और गवाहों की पेशी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग करें।
7. कैदियों को कोर्ट में पेश करने के बजाय कारागृह से ही सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग  जाए।
8. लॉकप में अनावश्यक भीड़ को कम करने के लिए सभी जिला व सत्र न्यायालय कारागृह अधिकारियों से चर्चा कर उचित कदम उठाएं।
9. सभी प्रमुख न्यायाधीश अपने संबंधित न्यायालय इमारत में आवश्यक स्थानों पर कर्मचारियों व न्यायालय में आने वाले लोगों के  लिए सैनेटाइजर्स उपलब्ध कराएं। साथ ही स्वच्छता के लिए हाउस कीपिंग एजेंसी और कर्मचारियों को सूचित करें।
10 वायरस के प्रसार के लिए सभी संभव प्रतिबंधात्मक और उपायकारक पद्धति का उपयोग करें।
11 जिला वकील संघ के अध्यक्ष और सचिव को न्यायालय इमारत के वकील चेंबर में भीड़ जमा नहीं होने की सूचना दें। 
12 अगले आदेश तक किसी कार्यक्रम और चुनाव की अनुमति नहीं दें।

स्कूल कॉलेज बंद

कोरोना का प्रभाव बढ़ने से संक्रामक बीमारी प्रतिबंधक कानून 1897 के खंड 2, 3 और 4 में उपलब्ध प्रावधान के अनुसार, राज्य सरकार ने महानगरपालिका, नगरपालिका, नगर पंचायत सीमा क्षेत्र में सभी स्कूल, कॉलेज 31 मार्च तक बंद रखने की अधिसूचना जारी की है। सरकारी आदेशानुसार नागपुर शहर व जिले की नगरपालिका, नगर पंचायत सीमा क्षेत्र में आंगनवाड़ी, बालवाड़ी, स्टेट बोर्ड, सीबीएसई तथा अन्य शिक्षा बोर्ड व यूनिवर्सिटी से संलग्न सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे। कक्षा 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा और यूनिवर्सिटी की चालू परीक्षा पर बंद का आदेश लागू नहीं होगा। परीक्षा के दौरान बीमार विद्यार्थी अन्य विद्यार्थी के संपर्क में नहीं आएं, इस बात का ध्यान संबंधित शिक्षा संस्थान प्रमुख रखेंगे। मनपा आयुक्त ने महानगरपालिका क्षेत्र के सभी शैक्षणिक संस्थानों से आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

कोरोना को मिलकर हराना है...

कोरोना के प्रादुर्भाव के चलते मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे ने आदेश जारी कर भीड़ जुटने वाले सभी आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। मनपा सीमा क्षेत्र में सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, धार्मिक, क्रीड़ा संंबंधित कोई भी कार्यक्रम का आयोजन अगले आदेश तक मनाही की गई है। इससे पहले यदि किसी कार्यक्रम को अनुमति दी गई है, उसे भी रद्द कर दिया गया है।

सिनेमागृह, व्यायामशाला, तरणताल, नाट्यगृह बंद : महानगरपालिका की सीमा अंतर्गत सिनेमागृह, व्यायामशाला, तरणताल, नाट्यगृह 31 मार्च तक बंद रखने के आदेश मनपा आयुक्त ने जारी किए हैं। 

मनपा में बायोमीट्रिक उपस्थिति नहीं

कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए मनपा में उपस्थिति दर्ज करने की बायोमीट्रिक पद्धति पर 16 मार्च से रोक लगा दी जाएगी। तथापि अधिकारी, कर्मचारियों को निश्चित समय सीमा में रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर उपस्थिति दर्ज करनी होगी। विभाग प्रमुखों से उपस्थिति रजिस्टर की िनयमित पड़ताल करने, मनपा मध्यवर्ती कार्यालय तथा क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यरत फिल्ड में काम करने वाले कर्मचारियों से रजिस्टर में अपनी गतिविधियों की जानकारी दर्ज किए बिना कार्यालय नहीं छोड़ने के आदेश दिए गए हैं।

सेंट्रल जेल में विदेशी कैदी, होगी सबकी जांच

कोराेना वायरस के मद्देनजर राज्य की सभी जेलों में बंद कैदियों के स्वास्थ्य की जांच करने का निर्णय लिया गया है। इस बारे में गृहमंत्री अनिल देशमुख ने हाल ही में पुलिस विभाग के आला अफसरों की एक बैठक ली। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य के सभी जेलों के अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वह अपनी जेलों में बंद कैदियों के स्वास्थ्य की जांच कराएं। राज्य की कई जेलों में विदेशी कैदी भी बंद हैं। नागपुर जेल में ऐसे कैदियों की संख्या चार से अधिक है। विदेशी कैदियों के अलावा अन्य कैदियों से भी मिलने-जुलने वालों का सिलसिला चलता रहता है। इसलिए सावधानी जरूरी है। यहां के सेंट्रल जेल में हर रोज 100 से अधिक कैदियों से उनके परिजन मुलाकात करने आते हैं। यहां पर दो बार कैदियों से मिलने की अनुमति दी जाती है। सुबह और दोपहर के समय में परिजन सेंट्रल जेल में बंद कैदियों से मुलाकात कर सकते हैं। इन कैदियों की जांच के लिए मेडिकल अस्पताल के डॉक्टरों की मदद ली जाएगी। नागपुर की सेंट्रल जेल में 2 हजार से अधिक कैदी हैं। इसमें सजायाफ्ता कैदी, विचाराधीन कैदी शामिल हैं। कुछ आरोपी भी हैं, जो किसी न किसी अपराध में जेल भेजे गए हैं। सूत्रों ने बताया कि जेल में बंद कैदियों के स्वास्थ्य की जांच के दौरान कोराेना का संदिग्ध  मिलने पर उसके लिए जेल में अलग से रखने का इंतजाम किए जाने का आदेश दिया गया है। नागपुर में जेल के किसी भी कैदी के बीमार होने पर उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती किया जाता है। यहां पर कैदी सेल वार्ड है। ऐसे में नागपुर के किसी कैदी के संदिग्ध पाए जाने पर उसे कहां रखा जाएगा। यह सबसे बड़ा सवाल है।
 

 

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