दैनिक भास्कर हिंदी: कहर बरपा रहा कोरोना : अस्पताल में तब्दील हो रहे हैं मुंबई के फाइव स्टार होटल

April 16th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते दूसरे शहरों की तरह मुंबई में भी मरीजों को दाखिल करने के लिए अस्पताल में जगह की कमी हो रही है। ऐसे में मुंबई के कुछ पांच सितारा होटलों को मरीजों को मरीजों को भर्ती करने के लिए इस्तेमाल की तैयारी की जा रही है। मुंबई महानगर पालिका ने इसकी मंजूरी दे दी। मरीन ड्राइव इलाके में स्थित इंटरकांटिनेंटल और बीकेसी में स्थित ट्राइडेंट होटल में अगले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। इस होटलों में इलाज से जुड़ी सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अस्पतालों को दी गई है। हालांकि ऐसे मरीज जिनकी हालत गंभीर होगी और जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत होगी उन्हें यहां नहीं रखा जाएगा। मुंबई मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने सोमवार को ही कह दिया था कि महानगर के कुछ चार और पांच सितारा होटलों को कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल मुंबई के अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध बिस्तरों में से 80 फीसदी से ज्यादा जबकि 98 फीसदी से ज्यादा आईसीयू यूनिट भर चुके हैं। मरीजों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो अगले कुछ दिनों में मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पलातों में जगह नहीं होगी।

इसे देखते हुए अब होटलों को अस्पताल की तरह इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है। जिन होटलों को अस्पताल बनाया जाएगा उनमें कम से कम 20 कमरे होने चाहिए। यहां डॉक्टर, नर्स, दवा और एंबुलेंस की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध होंगी। सुविधा उपलब्ध कराने वाले अस्पताल इसके लिए प्रतिदिन 4 हजार रुपए लोगों से ले सकेंगे जबकि कमरे में रहने के लिए मरीजों से 6 हजार रुपए लिए जा सकेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इंटरकांटिनेंटल होटल में बांबे हास्पिटल जबकि ट्राइडेंट में एचएन रिलायंस अस्पताल मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराएंगे। गुरूवार को मुंबई महानगर पालिका ने ऐलान किया था कि जसलोक अस्पताल में सिर्फ कोरोना मरीजों का इलाज होगा लेकिन मनपा को झटका देते हुए अस्पताल की ओर से शुक्रवार को कहा गया कि वह कोरोना के साथ दूसरे गंभीर रूप से बीमार मरीजों का भी इलाज जारी रखा जाएगा।

 

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