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नागपुर में कोरोना संक्रमति और मृतकों के आंकड़ों में आई कमीं, जानिए- विदर्भ के ताजा हालात

नागपुर में कोरोना संक्रमति और मृतकों के आंकड़ों में आई कमीं, जानिए- विदर्भ के ताजा हालात

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नागपुर जिले में बढ़ते संक्रमण से स्थिति भयावह हो गई है। इस बीच जिले में बुधवार को 5993 नए मरीज मिले। हालांकि पिछले तीन दिनों में मृतकों के आंकड़ों में कमी आई है। 12 अप्रैल को 69 की मौत हुई, इसी तरह 13 को 65 और बुधवार यानी 14 अप्रैल को 57 लोगों की मौत हुई। जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 297036 हो चुकी है। जिले में बुधवार को 21558 नमूनों की जांच की गई। शहर में आरटीपीसीआर की जांच के लिए सैंपल काफी जमा हो गए थे, जिसके कारण रिपोर्ट आने में 2 से 3 दिन का समय लग रहा था। जमा हुए सैंपलों की जांच के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट बंद किए गए हैं। इसमें एम्स, नीरी और नागपुर यूनिवर्सिटी में एक भी नमूनों की जांच नहीं हुई, जबकि निजी लैब में अब तक की सबसे अधिक 10913 नमूनों की जांच की गई। नए 5993 संक्रमितों में मेडिकल में 601, मेयो में 453, निजी लैब में 4427 सैंपल पॉजिटिव आए। कुल संक्रमितों की संख्या 297036 हो गई है।बुधवार को जिले में 57 लोगों की मौत हुई। इसमें 35 शहर, ग्रामीण में 17 और जिले के बाहर के 5 लोग शामिल हैं। इन्हें मिलाकर जिले में कुल मृतकों की संख्या 5960 हो गई है। बुधवार को 3993 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। इनमें होम आइसोलेट मरीज भी शामिल हैं। इसके साथ कुल डिस्चार्ज मरीजों की संख्या 228071 पहुंच गई है। रिकवरी दर 76.78% है। वर्तमान में 63005 एक्टिव मरीज हैं। इनमें से 23618 मरीज ग्रामीण और 39387 शहर के हैं। इनमें से 49430 होम आइसोलेट हैं। 13575 कोविड केयर सेंटर, िनजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं।

भंडारा में फिर 24 ने गंवाई जान, 1478 संक्रमित  

विदर्भ में कोरोना के चलते स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती ही जा रही है। गोंदिया में 20 तथा भंडारा में 24 मरीजों ने बुधवार को जान गंवाई है। वर्धा तथा चंद्रपुर में फिर पुराना रिकार्ड टूटा है। दोनों जिलों में 13-13 लोगों ने कोरोना से जूझते हुए दम तोड़ दिया। मरीजों की तादाद भी बढ़ी है। भंडारा जिले में कोरोना से मरनेवालों का ग्राफ अचानक बढ़ गया और बुधवार को रिकार्ड 24 लोगों की मृत्यु हो गई। साथ ही 1478 लोग संक्रमित भी पाए गए। गोंदिया में भी सर्वाधिक मौत के मामले दर्ज हुए। अब तक यहां इतनी बड़ी संख्या में मरीजों की मौत नहीं हुई थी। बुधवार को एकसाथ 20 लोगों की मृत्यु की खबर मिली है। साथ ही 663 नए मरीज भी पाए गए हैं। यवतमाल जिले में भी 13 लोगों ने कोरोना से जूझते हुए दम तोड़ दिया। 790 लोग पॉजिटिव भी पाए गए हैं। अमरावती में भी 13 लोगों की मृत्यु के साथ 649 नए मरीज मिले हैं। वर्धा में 13 ने कोरोना से जूझते हुए दम तोड़ दिया तथा 754 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। चंद्रपुर में बुधवार को 13 मरीजों की मृत्यु के साथ 1235 नए मरीज मिले हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अब तक इतनी बड़ी संख्या में न मरीज पाए गए थे और न ही इतनी बड़े पैमाने पर मौत हुई है। गड़चिरोली जिले में भी 8 लोगों को कोरोना लील गया। 305 नए मरीज भी मिले हैं।   

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।